अटल टनल रोहतांग को बनाने का सपना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिया गांधी ने देखा था, लेकिन इस सपने को उम्मीदों के पंख पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने लगाए थे। 1972 में केलांग पहुंचीं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को पूर्व विधायक लता ठाकुर ने इस समस्या से अवगत करवाया था। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और टशी दावा की दोस्ती ने इसके निर्माण के रास्ते को गति दी। वर्ष 2000 में वाजपेयी ने टशी दावा उर्फ अर्जुन गोपाल के निमंत्रण पर जून 2000 को केलांग पहुंचकर रोहतांग सुरंग के निर्माण की घोषणा की थी।
उस समय परियोजना का कुल बजट करीब 500 करोड़ रुपये आंका गया था। 2020 पहुंचते टनल निर्माण का बजट छह गुना से भी अधिक 3200 रुपये तक पहुंच गया। वाजपेयी ने 2002 में मनाली के बाहंग से पलचान और साउथ पोर्टल सड़क मार्ग का शिलान्यास किया था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर 25 दिसंबर, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टनल का नाम अटल टनल रोहतांग रखा। मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा ने कहा कि टनल निर्माण के लिए लाहौल के लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा है।