सत्ती ने कहा कि अटल देश के सर्वप्रिय नेता थे और उनका राजनीति से लंबा नाता रहा है। अटल को लोग राजनीतिक पार्टी से हटकर प्रेम करते थे और इसका स्वरूप अटल ने जम्मू-कश्मीर का मुद्दा यूएनओ में संबोधित कर दिखाया था। उस समय अटल विपक्ष के नेता थे और उनको सत्ता पक्ष ने इतने बड़े मुद्दे के लिए चुना था।
इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष के अलावा राज्य के शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष गणेश दत्त, रूपा शर्मा, कोषाध्यक्ष कपिल सूद, पूर्व सांसद बिमला कश्यप सूद, महापौर कुसुम सदरेट, उपमहापौर राकेश शर्मा, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी रवि मेहता और मुख्यमंत्री के ओएसडी महेंद्र धर्माणी विशेष रूप में उपस्थित रहे।