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आपकी जन्म कुंडली में हैं ये योग तो होगी धनवर्षा

Fri, 24 Jan 2020 05:59 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कुल्लू
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- फोटो : अमर उजाला
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मनुष्य के जीवन समस्याओं से भरा है। अधिकांश समस्याओं का धन से संबंध होता है। जैसे विद्या, पुत्र, पत्नी, गृह क्लेश। इस तरह की अनेक समस्याओं से मनुष्य संघर्ष करता है। इनमें धन प्रधान है। धन प्राप्त करने के लिए मनुष्य तरह-तरह के उपाय व्रत, पूजा पाठ अनुष्ठान आदि करने से पीछे नहीं हटता है। आज आप अपनी जन्मकुंडली के अनुसार जाने कि किस योग से आपको धन प्राप्त हो सकता है। अपनी जन्म कुंडली के लग्न अनुसार आप स्वयं देखें कि धन का कौन सा योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में बहुत से योग मिलते हैं।

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मेष लग्न की कुंडली में सूर्य, मंगल, गुरु व शुक्र यह चारों यदि नवम भाव में हों और शनि सप्तम भाव में हो तो धन योग बनते हैं। मेष लग्न की कुंडली में लग्न में सूर्य व चतुर्थ भाव में चंद्र स्थित हो। वृष लग्न की कुंडली में बुध, गुरु एक साथ बैठे हों तथा मंगल की उन पर दृष्टि हो। मिथुन लग्न की कुंडली में चंद्र, मंगल, शुक्र तीनों एक साथ द्वितीय भाव में हों। मिथुन लग्न की कुंडली में शनि नवम भाव में तथा चंद्र व मंगल ग्यारहवें भाव में हों।

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पंडित गोपाल कृष्ण शास्त्री, अपर सुल्तानपुर (कुल्लू) - फोटो : अमर उजाला
कर्क लग्न की कुंडली में चंद्र, मंगल, गुरु दूसरे भाव में तथा शुक्र, सूर्य पंचम भाव में हों। कर्क लग्न की कुंडली में लग्न में चंद्र तथा सप्तम भाव में मंगल हो। कर्क लग्न की कुंडली में लग्न में चंद्र तथा चतुर्थ में शनि हो। सिंह लग्न की कुंडली में सूर्य, मंगल तथा बुध ये तीनों कहीं भी एक साथ बैठे हों। सिंह लग्न की कुंडली में सूर्य, बुध तथा गुरु ये तीनों कहीं भी एकसाथ बैठे हों। कन्या लग्न कुंडली में शुक्र व केतु दोनों धनभाव में हों। तुला लग्न कुंडली में चतुर्थ भाव में शनि हो।

तुला लग्न कुंडली में गुरु अष्टम भाव में हो। वृश्चिक लग्न कुंडली में बुध व गुरु कहीं भी एक साथ बैठे हों। वृश्चिक लग्न कुंडली में बुध व गुरु की परस्पर सप्तम दृष्टि हो। धनु लग्न वाली कुंडली में दशम भाव में शुक्र हो। मकर लग्न कुंडली में मंगल तथा सप्तम भाव में चंद्र हो। कुंभ लग्न कुंडली में गुरु किसी भी शुभ भाव में बलवान होकर बैठा हो। कुंभ लग्न कुंडली में दशम भाव में शनि हो। मीन लग्न कुंडली में लाभ भाव में मंगल हो। मीन लग्न कुंडली में छठे भाव में गुरु, आठवें में शुक्र, नवम में शनि तथा ग्यारहवें भाव में चंद्र, मंगल हों तो धनवर्षा होगी।
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