अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि दिल्ली पुलिस को आरोपी के वृंदावन में होने के इनपुट्स मिले थे। इस सूचना को कसौली पुलिस के साथ साझा किया गया और आरोपी विजय सिंह के फोटो व अन्य जानकारी मांगी गई।
अपराध शाखा के अधिकारियों के अनुसार शाखा में तैनात इंस्पेक्टर रितेश कुमार को व्यक्तिगत मुखबिरी मिली थी कि आरोपी विजय सिंह बांके बिहारी मंदिर, वृंदावन में है।
एसीपी जसबीर मलिक की देखरेख में इंस्पेक्टर रितेश कुमार व एसआई धीरज की टीम ने मंदिर में दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद उसे कसौली पुलिस के हवाले कर दिया। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने विजय सिंह की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम रखा हुआ था।
अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी दिल्ली होकर ही वृंदावन गया था। वह कसौली से बस से दिल्ली के सराय कालेखां बस अड्डे पहुंचा था। यहां से बस लेकर वृंदावन गया था। आरोपी ने मोबाइल रखना बंद कर दिया था। उसके पास लाइसेंसी रिवाल्वर था।
उसने महिला अधिकारी के ऊपर तीन गोलियां चलाई थीं। हाल ही में उसने 25 कारतूस खरीदे थे। पिस्टल व 22 कारतूस को उसने सोलन में ही फेंक दिया था। वृंदावन पहुंचकर पहले वह कुछ मंदिर में घूमता रहा और फिर बांके बिहार मंदिर में जाकर बैठ गया था।
यहां वह करीब छह से सात घंटे अपने दोनों कान पकड़कर बैठा रहा। वह भगवान से शिकायत करता रहा कि आखिर उससे ऐसी क्या गलती हुई कि उसका गेस्ट हाउस तुड़वा दिया। वह भगवान के सामने बीच-बीच में रोता भी था।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी बुधवार को ही वृंदावन पहुंचा था। तभी से वह भगवान के सामने लगातार बैठा रहा। वह भगवान से यही दुआ करता रहा कि उसका गेस्ट हाउस किसी तरह बच जाए। उसे महिला अधिकारी की मौत का दुख नहीं था और गेस्ट हाउस टूटने का दुख था।
अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि आरोपी ने मोबाइल रखना बंद कर दिया था। वह कहीं न कहीं से कसौली में किसी न किसी से बात कर रहा था। आरोपी का कहना था कि वह एक-दो दिन में अपनी मां को फोन करने वाला था। आरोपी कसौली में जहां फोन कर रहा था उससे भी दिल्ली पुलिस को इनपुट्स मिले थे।
कसौली में टीसीपी महिला अफसर की हत्या के बाद तीसरे दिन वीरवार को भी होटलों के अवैध निर्माण तोड़े गए। सख्ती के बाद कुछ होटल मालिकों ने खुद ही अवैध निर्माण ढहा दिया। अफसर की हत्या के बाद किरकिरी झेली रही पुलिस ने अब सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। जिला प्रशासन द्वारा गठित टीमें 13 होटलों व गेस्ट हाउसों के अवैध निर्माण को गिरा रही है।
कइयों का 5 तो कइयों का 50 से 70 फीसदी तक निर्माण तोड़ा गया है। डीसी सोलन विनोद कुमार ने कहा कि वीरवार को सभी चार टीमों ने कार्रवाई जारी रखी। उन्होंने कहा कि काम मेनुअली होने की वजह से इसमें वक्त लग रहा है। लेकिन सभी अवैध निर्माण तोड़ने के बाद टीमों से रिपोर्ट मांगी गई है।
कसौली गोलीकांड में महिला अफसर की हत्या के बाद पुलिस की नींद टूटी है। इस घटना से सीख लेते हुए पुलिस ने अपनी शैली में बदलाव का फैसला लिया है। अब किसी भी क्षेत्र में अतिक्रमण या अवैध निर्माण हटाने से लेकर किसी सामाजिक विरोध प्रदर्शन की दशा में पुलिस पहले से ही क्षेत्र के असलहाधारियों की सूची तैयार करेगी। साथ ही उनके असलहों को पहले ही शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जमा करा लेगी।
प्रयास रहेगा कि किसी भी सूरत में विरोध करने वालों के द्वारा असलहे का सरकारी तंत्र पर प्रयोग नहीं किया जा सके। इसके अलावा पहले ही क्षेत्र के आपराधिक या असामाजिक तत्वों को पाबंद किया जाएगा। विभागीय सूत्रों की मानें तो सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार और पुलिस कर्मियों की चूक से महकमे की खासी किरकिरी हुई है। पुलिस की शैली पर उठ रहे सवालों के बीच अब महकमे के आला अधिकारी इमेज बदलने और कार्यशैली सुधारने पर जोर दे रहे हैं।
पुलिस के आला अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। इसमें क्षेत्र के असलहाधारियों के असलहे जमा कराने से लेकर शरारती व असामाजिक तत्वों को पाबंद करने और पर्याप्त मात्रा में स्थानीय पुलिस के अलावा बटालियनों से रिजर्व सुरक्षा बल तैनात करने को कहा गया है। यही नहीं, डीएसपी से ऊपर के स्तर के अधिकारी को खुद कार्रवाई के लिए सुरक्षा व्यवस्था जांचने को कहा गया है।
सोलन के कसौली में गोली चलने से हुई महिला अधिकारी की मौत को सांसद शांता कुमार ने दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। कसौली में अतिक्रमण को हटाते हुए एक सरकारी अधिकारी पर गोली चलाने की घटना प्रदेश के इतिहास में पहली है। इस घटना से पूरे प्रदेश में भय का वातावरण बन गया है। सांसद शांता कुमार ने मुख्यमंत्री से विशेष आग्रह किया है कि यदि आवश्यकता हो तो सरकार एक विशेष कानून बनाए।
इसमें सरकारी संपत्ति पर होने वाले किसी भी गैर कानूनी कब्जे के लिए स्थानीय कर्मचारी व अधिकारी को दोषी ठहराया जाए और उसे कठोर सजा दी जाए। प्रदेश में कानून का राज्य स्थापित करने के लिए यह अत्यंत जरूरी है। उन्होंने सरकारी कर्तव्य को निभाने वाली शैलबाला के निधन पर उनके पूरे परिवार से सहानुभूति प्रकट की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में और देश में भी इस प्रकार की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण बहुत अधिक हुए हैं। जब सर्वोच्च न्यायालय तक मामला पहुंचता है तो उस अतिक्रमण को जल्द हटाने का आदेश होता है।
करोड़ों की संपत्ति नष्ट हो जाती है। इससे कुछ निर्दोष लोगों को भी बहुत हानि होती है। यह अति दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई लोग सरकार की संपत्ति को लावारिस समझ कर कब्जा कर लेते हैं। लेकिन, सबसे बड़े दोषी तो वे कर्मचारी और अधिकारी हैं जो आंखें बंद कर बिकते हैं और ऐसा गैर कानूनी काम करने देते हैं। लिहाजा, सबसे पहले उन सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों को दंडित किया जाना चाहिए।