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विधानसभा सत्र: जगत नेगी बोले- केंद्र को भेजा गया 9,902 करोड़ के नुकसान का ब्योरा, मिले 200 करोड़

Tue, 19 Dec 2023 07:05 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन (धर्मशाला)

सार

आपदा के बाद एहतियातन सरकार ने कई गंभीर कदम उठाए। आपदा के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रभावितों तक खाने पीने की चीजें पहुंचाने के लिए वायु सेना का सहयोग लिया गया है। 
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राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 हिमाचल में मानसून के दौरान 24 जून से आई भारी प्राकृतिक आपदा के बाद प्रदेश सरकार के राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने केंद्र को 9902 करोड़ के नुकसान का ब्योरा भेजा। जिसके एवज में प्रदेश को महज 200 करोड़ मिले। आपदा के बाद एहतियातन सरकार ने कई गंभीर कदम उठाए। आपदा के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रभावितों तक खाने पीने की चीजें पहुंचाने के लिए वायु सेना का सहयोग लिया गया है। इसके अलावा तैयारियों की समीक्षा के लिए मॉकड्रिल करवाई गई हैं। कुल्लू और किन्नौर जिले में एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।

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डैम प्रबंधनों के साथ अर्ली वार्निंग बंदोबस्त को लेकर बैठकें की हैं। राजस्व विभाग की ओर से राहत कार्यों के लिए जिलों को 847.73 करोड़ जारी किए गए हैं। मंत्रियों की अगुवाई में टीमों का गठन किया गया है। मनाली, सैंज और मनीकरण से 70 हजार सैलानियों और 10 हजार वाहनों को निकाला गया है। गायब हुए लोगों को तलाशने के लिए 20 सदस्यीय विशेष दल गठित किया गया है। गगरेट के विधायक चैतन्य शर्मा के प्रश्न के जवाब में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने यह जानकारी दी।

पीएम गति शक्ति : 3 परियोजनाओं के लिए मिले 42 करोड़

पीएम गति शक्ति योजना के तहत प्रदेश को 3 परियोजनाओं के लिए 42 करोड़ मिले हैं। सोलन में औद्योगिक क्षेत्र मलकू माजरा के विकास के लिए 30 करोड़, सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन के गोदाम बनाने के लिए 5 करोड़ और पालमपुर में आईटी पार्क बनाने के लिए 7 करोड़ प्राप्त हुए हैं। सरकार की पीएम गतिशक्ति योजना के तहत कोई नई परियोजना शुरू करने की कोई योजना नहीं है। गगरेट के विधायक चैतन्य शर्मा के प्रश्न के उत्तर में उद्योग मंत्री ने यह जानकारी दी।
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एचपी शिवा योजना में लगेंगे दो फल प्रसंस्करण यूनिट
 एचपी शिवा परियोजना के तहत निम्न ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पैदा होने वाले आम, लीची, संतरा, किन्नू के लिए दो फल प्रसंस्करण इकाईया स्थापित करना विचाराधीन है। इसके लिए 10 करोड़ के बजट का प्रावधान रखा गया है। दो वर्षों में यह इकाइयां स्थापित की जानी हैं। प्रदेश में 24 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया के प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी कृषि मंत्री ने दी।
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