खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री राजेंद्र गर्ग ने कहा है कि पोलिंग बूथ की तरह जगह-जगह गेहूं खरीद केंद्र नहीं खोले जा सकते हैं। गुरुवार को विधानसभा सदन में प्रश्नकाल के दौरान कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में गेहूं खरीद केंद्र खोलने की मांग रखी। जवाब में मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अभी आठ गेहूं केंद्र सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। हिमाचल में इस वर्ष 417 फीसदी अधिक गेहूं की खरीद हुई है। उन्होंने बताया कि भारतीय खाद्य निगम ने पिछले वर्ष 3128 मीट्रिक गेहूं की खरीद की थी। इस वर्ष निगम ने 13039 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की है।
सरकार ने धान खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगले सीजन में इसके लिए व्यवस्था की जाएगी। प्रश्नकाल के दौरान विधायक राजेश ठाकुर ने यह मामला उठाया। कर्नल इंद्र सिंह ने कहा कि बलद्वाड़ा में गेहूं खरीद केंद्र खोला जाना चाहिए। नजदीक में केंद्र नहीं होने से किसानों को बिचौलियों की मनमानी का सामना करना पड़ रहा है। रामलाल ठाकुर ने नयनादेवी क्षेत्र के समीप बस्सी या टौबा में केंद्र खोलने की मांग रखी। परमजीत सिंह ने बद्दी में केंद्र खोलने की मांग की। जवाब में मंत्री ने बताया कि प्रदेश में एफसीआई के माध्यम से 2019-20 से गेहूं खरीद शुरू की है। केंद्र सरकार के एमएसपी के अनुसार गेहूं खरीदी जा रही है। केंद्रों की प्रदेश में संख्या बढ़ाकर आठ कर दी गई है। अगर किन्हीं क्षेत्रों में केंद्र खोलने की संभावनाएं होंगी तो भविष्य में विचार किया जाएगा।