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विधानसभा चुनाव परिणाम 2018: कांग्रेस कार्यालय में जश्न तो भाजपा दफ्तर में छाया सन्नाटा

Wed, 12 Dec 2018 05:00 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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समय मंगलवार सुबह 11.15 बजे। कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में हिमाचल कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता और महासचिव नरेश चौहान अपने कार्यालय में पहुंचते हैं। इनके साथ ही पार्टी के छह कार्यकर्ता भी कमरे में मौजूद हैं। कुछ देर तक मोबाइल पर पांच राज्यों के चुनावी नतीजे देखे जाते हैं। 

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सुबह करीब 11:30 बजे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के कमरे का ताला खुलवाया जाता है। नरेश चौहान अब पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कमरे में प्रवेश करते हैं। कमरे में रखा टीवी ऑन किया जाता है।

टीवी पर पांच राज्यों के चुनाव नतीजे बड़े ध्यान से देखते हैं। चुनावी नतीजों के आंकड़े ऊपर-नीचे होने पर कांग्रेस नेताओं की धड़कनें भी बढ़ती गईं। यह सिलसिला तब तक चला, जब तक नतीजों से यह साफ नहीं हो गया कि तीन राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कांग्रेस जीत चुकी है। 

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सुखविंद्र सिंह सुक्खू धर्मशाला से सीधे शिमला पहुंचे

दोपहर बाद 3.55 बजे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू धर्मशाला से सीधे शिमला स्थित राजीव भवन पहुंचे। दफ्तर में आते ही कांग्रेेस नेताओं ने उनको बधाई देने का सिलसिला शुरू किया।

अब टीवी का रिमोट सुक्खू ने अपने हाथ में ले लिया और चुनाव नतीजों का अपडेट लेने के लिए चैनलों को बार-बार बदलते रहे। एक थाल पर लड्डू सजाकर लाए गए। साथ ही ढोल-नगाड़े बजाने वालों का इंतजाम भी किया गया।

जैसे ही कांग्रेस के राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में आगे बढ़ने की सूचना आई तो सभी नेता और कार्यकर्ता राजीव भवन के बाहर निकल आए। दोपहर 4:15 बजे राजीव भवन के बाहर कांग्रेसी जश्न मनाने को जुट गए और ढोल-नगाड़े बजने लगे।  

दीपकमल में नहीं नजर आया कोई बड़ा नेता

सुबह सात बजे ही चक्कर स्थित भाजपा कार्यालय खोल दिया जाता है। करीब आठ बजे प्रदेश भाजपा कार्यालय के कर्मचारी टीवी ऑन कर रुझान देखने बैठ जाते हैं। भाजपा के प्रदेश कार्यालय सचिव सुरेश ठाकुर करीब 10 बजे रिसेप्शन पर बैठते हैं।

अब तक  राजस्थान और छतीसगढ़ में रुझानों में भाजपा पीछे चल रही है तो सुरेश के चेहरे पर चिंता की लकीरें उभर जाती हैं। करीब पौने 11 बजे एक स्थानीय कार्यकर्ता त्रिलोक पहुंचते हैं। जो फिक्रमंद दिखते हैं।

मध्य प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की चल रही कांटे की टक्कर से उन्हें उम्मीद है। कह रहे हैं - एक जगह तो हम सरकार बना ही लेंगे। इस दौरान भाजपा कार्यालय में कोई भी बड़े नेता या पदाधिकारी नहीं पहुंचते। सुरेश कहते हैं - सब धर्मशाला हैं। यहां एक तरह का सन्नाटा छाया हुआ है। 
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कांग्रेस की बढ़त से वह परेशान

दीपकमल के साथ एक ढाबा है, जिसमें साथ लगते कच्ची वार्ड के चिंतित पार्षद संजय परमार चाय की चुस्कियों के बीच फोन पर रुझान देख रहे हैं। लगभग डेढ़ बजे भाजपा कार्यालय में टुटू से स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता एमआर भारद्वाज पहुंचते हैं।

अब तक मध्य प्रदेश में कांग्रेस की बढ़त से वह परेशान हैं। करीब दो बजे स्थानीय पार्षद किरण बावा भाजपा दफ्तर के बाहर खड़ी हैं। वह कहती हैं - अगर मध्य प्रदेश मेें भी भाजपा आ गई तो हम यहां लड्डू बांट सकते हैं। साथ ही कहती हैं कि जीत-हार चली ही रहती है।

लगभग ढाई बजे प्रदेश कार्यालय में पार्टी उपाध्यक्ष गणेश दत्त पहुंचते हैं। उनके चेहरे से भी मुस्कान गायब है। इसी बीच कुछ कार्यकर्ता भी जुटते हैं। थोड़ी देर में गणेश दत्त के वापस जाने के बाद यहां दोबारा खामोशी पसर जाती है। यह शाम तक रहती है।  
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