अर्की विधानसभा सीट पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के देहांत के बाद खाली हुई है। वीरभद्र सिंह के खिलाफ वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ने वाले रतन पाल सिंह इस बार भी यहां से भाजपा टिकट के सशक्त दावेदार हैं। उन्होंने वीरभद्र सिंह को अच्छी टक्कर दी थी। रतन पाल सिंह को सिटिंग विधायक गोविंद राम शर्मा का टिकट काटकर भाजपा प्रत्याशी बनाया गया था। उन्होंने उस दौरान पार्टी का आदेश मानते हुए चुनाव में रतन पाल सिंह का साथ दिया, लेकिन इस बार वह उपचुनाव में अपने लिए टिकट मांग रहे हैं और बगावत पर उतर आए हैं।
भाजपा की नेत्री आशा परिहार, हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर आदि भी यहां से गोविंद राम शर्मा को टिकट दिलाने के पक्ष में हैं। गोविंद राम शर्मा निर्दलीय चुनाव लड़े तो वह नए समीकरण बना सकते हैं। कांग्रेस से टिकट के प्रबल दावेदार पूर्व में गोविंद राम शर्मा के खिलाफ प्रत्याशी रह चुके संजय अवस्थी हैं। उनके अलावा वीरभद्र खेमे में गिने जाने वाले राजेंद्र ठाकुर भी टिकट चाह रहे हैं।