पूर्व केंद्रीय मंत्री पंडित सुखराम के पोते और मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा के बेटे आश्रय शर्मा ने कहा कि उनके कंधों पर पार्टी की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है और वह पूरी लगन के साथ स्वतंत्र जनता की सेवा के लिए काम कर रहे हैं। वे किसी भी औहदे पर नहीं हैं और वह जनता की आवाज को बेहतर ढंग से उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदा के समय प्रभावितों के नुकसान को एक ही तराजू में नहीं तोला जा सकता है। सभी का नुकसान अलग-अलग स्तर पर हुआ है तो उसी आधार पर सरकार को लोगों को उचित मुआवजा और मदद देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर पांच साल के बाद प्रदेश में सरकार बदलती रहती है। इसका खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ता है। कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा आती है और एक दूसरे के किए गए कार्यों को बंद करने का प्रयास होता है। कहा कि प्रदेश में 25 सालों तक एक ऐसी कमेटी बने जोकि विभिन्न दलों की हो और वह एक बेहतर विजन पर कार्य करे, जिससे प्रदेश का विकास हो सके। कहा कि कुछ नेताओं ने मंडी को राजनीतिक टूरिज्म बना रखा है। यहां फोटो व वीडियो बनाने का ही इन लोगों ने काम किया। मंडी की आवाज को संसद पर सही तरीके से नहीं रखा है।