विधानसभा चुनाव में पंजाब कांग्रेस की बंपर जीत से हाईकमान की नजर में आशा कुमारी का कद बढ़ गया है। डलहौजी से विधायक आशा कुमारी पंजाब में कांग्रेस प्रभारी हैं। उन पर पंजाब में कांग्रेस को सत्ता में लाने की बड़ी जिम्मेदारी थी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव आशा कुमारी को पिछले साल जून महीने में जब पंजाब में कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया तो यह साबित हो गया था
कि हाईकमान में उनकी अच्छी पैठ बन चुकी है। पंजाब प्रभारी बनने के साथ ही वह पार्टी के हर फैसले में दखल रखने वाली ताकतवर कांग्रेस वर्किंग कमेटी की आमंत्रित सदस्य भी बन गईं। हालांकि, पिछली वीरभद्र सरकार में शिक्षा मंत्री रह चुकीं आशा कुमारी वरिष्ठ होने के बावजूद इस सरकार के दिसंबर 2012 में सत्ता में आने के बाद मंत्री पद से वंचित रहीं।
इसी बीच वह नई दिल्ली में खासी सक्रिय रहीं। कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी का भरोसा जीतने में कामयाब हुईं। उन्हें पहले झारखंड और हरियाणा का सह प्रभारी बनाया गया, फिर हरियाणा के सह प्रभार के साथ पंजाब का पूर्ण प्रभारी बना दिया गया। तीन-चार साल पहले आशा को वीरभद्र विरोधी खेमे में गिना जाता था।
लेकिन अब उनका सीएम वीरभद्र सिंह, उनके समर्थक नेताओं से बेहतर तालमेल हो चुका है। वर्तमान में आशा कुमारी हर मोर्चे पर सीएम वीरभद्र सिंह के नेतृत्व की सरकार के समर्थन में खड़ी भी नजर आ रही हैं और वीरभद्र विरोधियों के खिलाफ आक्रामक रही हैं। ऐसे में पंजाब में इस कामयाबी के बाद उनके अगले तेवर भी देखने वाले होंगे।