अरुण धूमल ने कहा कि अब वह वीरभद्र को वार्ड पंच बनने लायक भी नहीं छोड़ेंगे।
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हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता विपक्ष प्रेम कुमार धूमल के छोटे बेटे अरुण धूमल ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह यह कहते हुए उनके सवालों के जबाव नहीं देते हैं कि यह तो वार्ड पंच भी नहीं है।
ऐसे में उसके सवालों के जबाव नहीं दे सकता, लेकिन अब वह वीरभद्र को वार्ड पंच बनने लायक भी नहीं छोड़ेंगे। अरुण धूमल ने ऊना में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से आम आदमी होने के नाते सवाल पूछे हैं। लोकतंत्र में आम आदमी के सवाल का जवाब दिया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री राज्य की जनता से झूठ बोलकर खुद पंच बनने लायक नहीं बचेंगे। उन्होंने ने कहा कि वीरभद्र सिंह खुद झूठ बोलते हैं और लोगों पर झूठ बोलने के आरोप जड़ते फिरते हैं। अरुण ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अपनी पत्नी की संपत्तियों को छिपाया है। वह प्रदेश की जनता को भी गुमराह कर रहे हैं।
संपत्ति मामले में सीएम ने कहा बड़ा झूठः अरुण
अरुण ने सीएम पर सवाल दागते हुए उनके जवाब देने की मांग की है। उन्होंने पूछा कि क्या प्रतिभा सिंह के नई दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में 13 मई 2014 को प्लैट खरीदा है।
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ईडी के संपत्ति अटैच करने के मामले में भी वीरभद्र सिंह ने झूठ बोला कि उनके पुत्र की संपत्ति अटैच हुई है। जबकि असल में उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह की संपत्ति अटैच हुई है। उन्होंने कहा कि हैरत की बात है कि 16 मई 2014 को लोकसभा चुनाव का परिणाम आना था।
मंडी से कांग्रेस की लोकसभा उम्मीदवार दिल्ली में संपत्ति खरीद रही थीं। अरुण ने सीएम पर सवाल दागते हुए उनके जवाब देने की मांग की है। उन्होंने पूछा कि क्या प्रतिभा सिंह के नई दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में 13 मई 2014 को प्लैट खरीदा है।
ऐसी क्या मजबूरी थी कि चुनाव नतीजे घोषित होने से ठीक पहले यह प्लैट खरीदना पड़ा। दिल्ली में आपकी और आपके परिवार की कितनी संपत्ति है। देव कुमार पाठक के साथ आपका क्या संबंध है। जिसने आपकी पत्नी प्रतिभा सिंह के फ्लैट और महरौली स्थित आपके पुत्र के फार्म हाउस की खरीद में गवाही दी है।
क्या यह सच है कि देव कुमार पाठक वेंचर एनर्जी एंड टेक्नोलॉजी के निदेशक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पारदर्शी नेता होने का दावा करते हैं, लेकिन अपनी संपत्ति की जानकारी देने में पारदर्शिता भूल जाते हैं।