पेयजल किल्लत के चलते पूह पंचायत की आबादी और देश की सुरक्षा में दिन-रात डटे रहने वाले सेना के जवान 6 और 7 किलोमीटर दूर नाले से पानी ढोने पर मजबूर हैं। वाहनों में पानी ढोकर गुजारा करना पड़ रहा है।
हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर की पूह पंचायत में पेयजल संकट गहरा गया है। सेना के जवानों सहित ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। बीते तीन माह से नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। जलशक्ति विभाग पेयजल आपूर्ति सुचारु रखने में नाकाम साबित हो रहा है। पेयजल किल्लत के चलते पूह पंचायत की आबादी और देश की सुरक्षा में दिन-रात डटे रहने वाले सेना के जवान 6 और 7 किलोमीटर दूर नाले से पानी ढोने पर मजबूर हैं। वाहनों में पानी ढोकर गुजारा करना पड़ रहा है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण स्थानीय नाले के पेयजल स्रोत सूखने के कारण स्थिति दयनीय बन गई है।
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पूह पंचायत की करीब 1,800 की आबादी और सेना के 1,500 जवानों को मजबूरन निजी वाहनों में पीने के लिए पानी ढोना पड़ रहा है। पूह पंचायत की पूर्व प्रधान सुमन साना, सुशील साना, सविता नेगी, संबर देवा नेगी, आंगमो नेगी, मीना नेगी, हरीश और देवेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने कहा कि क्षेत्र के ग्रामीणों को सूखे के कारण पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार, जिला प्रशासन और जलशक्ति विभाग से जल्द टैंकरों से पेयजल की नियमित आपूर्ति मुहैया करवाने की मांग उठाई है। उधर, जलशक्ति विभाग के एक्सईएन पूह संजय कौशल ने कहा कि इस वर्ष सूखे के कारण पेयजल में कमी दर्ज की जा रही है। विभाग लोगों की समस्या के मद्देनजर पूह अस्पताल के नजदीक हैंडपंप बोरिंग कर पानी की कमी को पूरा करने का हरसंभव प्रयास कर रहा है।