इधर, बृजेश के परिजनों ने बताया कि सरकार की ओर से अभी तक कोई भी सहायता उन्हें नहीं मिली है। न ही शहीद की पत्नी को अभी तक सरकारी नौकरी मिलने की प्रक्रिया आरंभ हो पाई है। अभी तक कागजात पूरे किए जा रहे हैं। बंगाणा के गांव ननांवी के शहीद सैनिक बृजेश को शौर्य चक्कर मिलने की घोषणा से लोगों को गर्व महसूस हो रहा है।
कैप्टन गुरदास राम, ज्योति शर्मा, विजय कुमार, उपप्रधान विधि चंद, रमेश चंद, जगदीश चंद, राज कुमार ने बताया कि गांव के लिए बृजेश प्रवेश द्वार बनाने की घोषणा मंत्री वीरेंद्र कंवर ने की थी लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। शहीद के गांव के लोगों ने गांव के प्रवेश द्वार पर शीघ्र स्मारक बनाने की मांग प्रदेश सरकार से की है।