जिले में इस साल बागवानों को दोहरी मार झेलनी होगी। बीते साल के मुकाबले सेब का उत्पादन कम है, उस पर फल मंडी तक सेब पहुंचाने के लिए बागवानों को बीते साल की अपेक्षा बारह फीसदी अधिक भाड़ा चुकाना होगा।
प्रशासन ने दावा किया है कि सेब सीजन से संबंधित हर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा ने कहा कि इस साल जिले में सेब की 2.30 करोड़ पेटियां उत्पादन होने का अनुमान है।
पिछले साल 3.60 करोड़ सेब पेटियों का उत्पादन हुआ था। इस साल सेब सीजन के दौरान परिवहन और अन्य प्रबंधों के नियंत्रण के लिए जिला शिमला में स्थित मुख्य सेब नियंत्रण कक्ष को क्रियाशील कर दिया गया है।