शिमला। ठियोग के छैला-राजगढ़-सोलन के वैकल्पिक सड़क से भी अब ऊपरी शिमला से आने वाले सेब ट्रकों की आवाजाही हो सकेगी। उपायुक्त शिमला के आदेशों पर लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता की टीम ने माईपुल को सेब से लदे ट्रकों के लिए सुरक्षित पाया है।
टीम की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही उपायुक्त ने कहा कि इस सड़क से भी अब सेब से लदे ट्रकों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। अब ट्रक सीधे सोलन निकल कर चंडीगढ़ की ओर जा सकेंगे। इससे ठियोग से लेकर शिमला मुख्य शहर में सेब सीजन में जाम की समस्या कम हो जाएगी। उपायुक्त ने माना कि माईपुल से ट्रकों को गुजरने पर कोई खतरा नहीं है। हालांकि 14 या इससे अधिक टायर वाले ट्रेेलर को इस सड़क से नहीं भेजा जाएगा, उन्हें शिमला होकर ही भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि मौके पर भेजे गए अधिकारियों ने पुल को सुरक्षित बताया है। इस पर अब वहां से भी बुधवार से ट्रकों की आवाजाही शुरू करवा दी जाएगी।
डीसी ने एसडीएम के साथ किया भट्टाकुफर फल मंडी का दौरा
शिमला। शहर में बीते दिनों भट्टाकुफर फल मंडी में रोजाना आने वाले सेब के वाहनों से पैदा ही ट्रैैफिक जाम की गंभीर समस्या के बाद लिए गए फैसलों का असर देखने के लिए उपायुक्त ने मंगलवार को फल मंडी का दौरा किया। उपमंडल अधिकारी शिमला ग्रामीण नीरज गुप्ता के साथ उन्होंने फल मंडी में एपीएमसी के चेयरमैन नरेश शर्मा, आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नाहर सिंह चौधरी से फल मंडी के कारोबार के बारे में पूछा और ट्रैफिक की समस्या के बारे में जानकारी ली।
उन्हें बताया गया कि रविवार को मंडी में 32 हजार, सोमवार को 38 और मंगलवार को 40 हजार सेब की पेटियां पहुंचीं। मंडी के बाद उपायुक्त ने अधिकारियों की टीम के साथ कु फरी तक ट्रैफिक का जायजा लिया। उन्होंने फल मंडी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क किनारे खड़ी निजी गाड़ियों को हटाने के पुलिस को आदेश दिए। उन्होंने बताया कि कु फरी तक मुख्य सड़क पर यातायात सामान्य पाया गया।