आईजीएमसी में किडनी ट्रांसप्लांट के बाद डॉक्टर मंगलवार को भी मुस्तैद नजर आए। सुबह डॉक्टरों की टीम आईसीयू पहुंच गई। यहां पर डॉक्टरों ने मरीजों की हालत जानी। इसके बाद मरीजों के हर छह घंटे बाद रुटीन टेस्ट करवाए। इनमें कैल्शियम, पोटाशियम, सोडियम और यूरिया क्रेटनाइन के टेस्ट हुए। डॉक्टरों के मुताबिक सभी टेस्ट सामान्य हैं और इनकी सेहत में सुधार है।
अस्पताल में आईसीयू को कवर किया गया है। मंगलवार को अस्पताल में आने वाले लोगों की आवाजाही यहां पर बंद रखी गई। केवल अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ को ही यहां पर जाने दिया गया। इसके अलावा अस्पताल के प्राचार्य डॉ. मुकंद लाल, नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संजय विक्रांत, सहायक प्रोफेसर डॉ. अजय जरयाल, किडनी ट्रांसप्लांट कोआर्डिनेटर दलीप ठाकुर मौजूद रहे।
आईजीएमसी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली की टीम ने किडनी ट्रांसप्लांट किया था। मंगलवार को ट्रांसप्लांट सर्जन एम्स न्यू दिल्ली के डॉक्टर वीके बंसल लौट आए। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि डोनर को कुछ दिनों बाद छुट्टी मिलेगी। इसके अलावा किडनी ट्रांसप्लांट मरीजों को पंद्रह दिन के बाद घर भेजा जाएगा। हालांकि इन मरीजों पर निगरानी रखने के लिए डॉ. आदित्य बख्शी वीरवार तक शिमला में रहेंगे, वह शुक्रवार को लौट जाएंगे।
एम्स की टीम की निगरानी में ही होंगे ट्रांसप्लांट
एम्स की टीम की निगरानी में ही करीब बीस ट्रांसप्लांट अस्पताल में होेंगे। चूंकि डॉक्टर ट्रेंड हैं लेकिन हौसलाअफजाई के लिए डॉक्टरों की टीम यहां पर आकर ट्रांसप्लांट करती रहेगी।
एनेस्थीसिया की टीम ने दिया सहयोग
आईजीएमसी के एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह, डॉ. दारा सिंह, डॉ. कार्तिक स्याल, रेजिडेंट डॉ. अर्चना, डॉ. मानवी, डॉ. वसुंधरा और डॉ. श्रेया ने सहयोग किया है। इसके अतिरिक्त विभाग के डॉक्टरों ने रोस्टर में ड्यूटी भी लगाई है। जिससे अगर मरीजों को समस्या आती है तो यह डॉक्टर 24 घंटे ड्यूटी पर हाजिर रहेंगे।