रोहडू के एसडीएम कार्यालय के सभागार में एपीएमसी के प्रतिनिधि, प्रशासन व किसान संघर्ष समिति की ओर से मांगों पर चर्चा में हिमाचल किसान संघर्ष समिति के सचिव संजय चौहान ने कहा कि बागवानों के सेब की बिक्री के पर्चे सेब बिकने के बाद उसी दिन दिए जाएं।
सेब के दाम भी उसी दिन आढ़तियों को चुकाने होंगे। कोई आढ़ती इस शर्त को नहीं मानता तो उससे कारोबार की क्षमता के अनुसार बैंक गारंटी ली जाए। एपीएमसी के निर्देश पर यदि बागवानों के कम किए गए रुपये नहीं लौटाए गए तो एपीएमसी पुलिस में आढ़तियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाएगी।
रोहडू सहित हर मंडी में आढ़तियों को दुकानों के बाहर अपने लाइसेंस टांगने होंगे। एपीएमसी मंडी के बाहर बागवानों की सुविधा के लिए निर्देश बोर्ड लगवाएगी। आढ़तियों व लदानियों को एक सप्ताह के भीतर बैंक गारंटी जमा करवानी होगी।
गुप्त तरीके से सेब की बोली लगाने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मंडी में हर आढ़ती को अपने बिक्री स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के एपीएमसी आदेश करेगी।
एपीएमसी की ओर से रोहडू मंडी में तैनात सेल सुपरवाइजर मंजू बाला ने बागवानों की सभी मांगों को एक सप्ताह में पूरा करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने दर बंद करने, 20 रुपये की वसूली, कपडे़ के नीचे बोली लगाने के मामले रोकने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जिन बागवानों को कोई परेशानी हो रही, वे मंडी में उनके कार्यालय पहुंच कर संपर्क कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश किसान संघर्ष समिति सचिव संजय चौहान कहते हैं कि प्रदेश की मंडियों में इस साल सेब सीजन के दौरान बागवानों का आर्थिक शोषण करने के लिए आढ़ती नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। इस सेब सीजन में आढ़तियों ने बागवानों से अवैध वसूली शुरू कर दी है। एपीएमसी एक्ट 2005 के तहत सिर्फ पांच रुपये प्रति पेटी वसूले जा सकते हैं परंतु इस बार सेब के प्रति पेटी के 20 से 30 रुपये वसूले जा रहे हैं।