सरकार इन पर नकेल कसने में विफल रही है। शिमला में एक ट्रक शराब का पकड़ा गया था। इसके पास पानी की ढुलाई के कागजात थे। नदियों और खड्डों में मशीनों से खनन किया जा रहा है। 65 हजार करोड़ के एनएच की बात कही गई, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ।
स्मार्ट सिटी के लिए केंद्र और राज्य सरकार की भागीदारी 50:50 कर दी है। 9500 करोड़ के प्रोजेक्टों की हकीकत से अवगत कराया जाए। एडीबी प्रोजेक्टों का भट्ठा बैठ गया है। सड़क हादसे बढ़े हैं। कानून व्यवस्था चरमराई है।
राज्य प्रशासनिक ट्र्ब्यिूनल बंद कर दिया है। इस दौरान विधायक डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल, राजेंद्र राणा, नंदलाल, जगत सिंह नेगी, विनय, इंद्रदत्त लखनपाल, पवन काजल और विक्रमादित्य सिंह भी मौजूद रहे।