तौलिए के नीचे लग रही सेब की बोली
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कायदे कानूनों को ताक पर रख कर फल मंडियों में सेब की कीमत तौलिए के नीचे परदे में तय की जा रही है। एपीएमसी शिमला और किन्नौर ने चार दिन पहले 21 अगस्त को जिले की सभी मंडियों की आढ़ती एसोसियेशनों को सर्कुलर जारी कर परदे में सेब के रेट तय न करने के सख्त निर्देश दिए थे। एपीएमसी एक्ट की धारा 28 का हवाला देते हुए परदे में रेट तय करने को गैर कानूनी बताया था लेकिन बुधवार को भट्ठाकुफर मंडी में आढ़ती तौलिए के नीचे रेट तय करते दिखे। अमर उजाला ने मंडी का जायजा लिया। पेश है लाइव रिपोर्ट...
समय : 11: 20 बजे। स्थान : भट्ठाकुफर फल मंडी
छह नग, सिक्स लेयर, साइज छोटा है, माल साफ है, आओ जी, रेट बताओ, ऊंची आवाज में बोलने के बाद आढ़ती ने कंधे से तौलिया उतारा और खरीददार के साथ हाथ मिलाकर तौलिए से ढक दिया। इसके बाद तौलिए के नीचे उंगलियों से इशारे हुए। आढ़ती ने एक के बाद एक तीन खरीददारों के साथ ऐसे ही सेब के रेट तय किए और एकाएक सेब का रेट 500 रुपये तय होने की घोषणा कर दी। जिस बागवान का सेब था उसे पता ही नहीं चला कि कैसे सेब का रेट तय हो गया।
अमर उजाला के कैमरे पर नजर पड़ते ही आढ़ती ने हाथ से तौलिया हटाया और कंधे पर डाल दिया। जब तक अमर उजाला की टीम आक्शन यार्ड पर मौजूद रही इस आढ़ती ने सेब नहीं खरीदा। एपीएमसी के दावों के बावजूद मंडियों में तौलिए के नीचे सेब की बोली नहीं रुक पा रही है। कुछ आढ़ती चोरी छिपे अवैध तरीके से सेब के दाम परदे में तय कर रहे हैं। हालांकि मंडी में ही मुनीश वेजिटेबल कंपनी, कृष्णा ट्रेडिंग कंपनी, मां हाटेश्वरी ट्रेडिंग कंपनी, प्रताप सिंह सुनील कुमार, महालक्ष्मी ट्रेडिंग कंपनी और कुशान ट्रेडिंग कंपनी सहित अन्य आढ़ती खुली बोली में सेब बेचते नजर आए।