1. अनजान व्यक्ति को फेसबुक फ्रेंड न बनाएं
2. मोबाइल को लापरवाही से खुला न छोड़ें, गिफ्ट में न लें
3. सहपाठी, सहकर्मियों से व्यवहार करते समय सीमा तय करें
4. अपने लाइफ स्टाइल से संबंधित जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें
5. लाइक्स के चक्कर में फोटो और अपने परिवार की लोकशन न बताएं
6. ई मेल आईडी, सोशल मीडिया अकाउंट के पासवर्ड को शेयर न करें
7. सोशल मीडिया पर आपका कोई पीछा करता है, तो इसकी शिकायत करें
महिला थाना बीसीएस की प्रभारी रीना ने महिला प्रशिक्षुओं को महिलाओं की सुरक्षा और मुसीबत के समय पुलिस की मदद प्राप्त करने के लिए बनी शक्ति एप्लीकेशन को डाउनलोड करने और इसके इस्तेमाल करने की प्रक्रिया बताई।
उन्होंने सोशल मीडिया में क्लोजर ग्रुप सोशल मीडिया एप्लीकेशन का इस्तेमाल करने और फेसबुक जैसी सार्वजनिक एप्लीकेशन का सीमित उपयोग करने की सलाह दी।
बताया कि अपना खराब या पुराने मोबाइल को किसी को न दें। हो सके तो उसे जला दें। इसमें स्टोर की हर जानकारी डीलीट करने के बावजूद प्राप्त की जा सकती है।
शक्ति ऐप के इस्तेमाल की मिली जानकारी : रीतू
प्रशिक्षु रितु ने कहा कि कार्यक्रम में महिला सुरक्षा को बनी गुड़िया और शक्ति एप्लीकेशन का इस्तेमाल करने का तरीका इस कार्यक्रम में चला। यह कार्यक्रम काफी फायदेमंद रहा।
सोशल मीडिया के इस्तेमाल की मिली जानकारी : शालिनी
प्रशिक्षु शालिनी ने कहा कि कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कैसे सोशल मीडिया का इस्तेमाल किसी के लिए खतरनाक बन सकता है। सावधानी क्या बरतें यह भी बताया
मुसीबत में हिम्मत से लें काम : दयावंती
दयावंती ने कहा कि डीएसपी प्रमोद शुक्ला ने मुसीबत के समय हिम्मत से काम लेने की बात बताई। कहा कि हर अपराधी अपराध करते वक्त डरा हुआ होता है ऐसे वक्त हिम्मत से काम लें तो क्राइम को रोका जा सकता है।
पूजा ने कहा कि इस कार्यक्रम में उन्हें सरकार के महिला सुरक्षा को लेकर बनाए कानूनों की जानकारी मिली। इसे अपनी सुरक्षा के लिए प्रयोग करने, पुलिस की मदद कैसे लें इस बार में अधिकारियों ने बताया।
पुलिस ने बांटे जानकारी युक्त पर्चे
शिमला पुलिस ने गुड़िया, होशियर और शक्ति एप्प और पुलिस विभाग के तैयार किए सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता के खास पर्चे को प्रशिक्षुओं और स्टाफ को बांटा ।
देश में 40 फीसदी लड़कियां शारीरिक शोषण, 70 फीसदी महिलाएं घरेलू हिंसा की होती है शिकार-शुक्ला
डीएसपी शुक्ला ने प्रशिक्षुओं को बताया कि महिलाओं की चुप्पी के कारण देश में 42 फीसदी लड़कियां किसी न किसी रूप में शारीरिक शोषण का शिकार होती है, जबकि 70 फीसदी महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार होती है।