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मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता रखें महिलाएं

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कोटशेरा कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. श्रिया ने छात्राओं को दिए सेहतमंद रहने के टिप्स
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क्रॉसर
आराम करने के बजाय रोज व्यायाम और सैर करें
संक्रमण से बिगड़ सकता है मासिक धर्म का चक्र
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजीव गांधी महाविद्यालय कोटशेरा में सोमवार को हिमाचल विवि के महिला अध्ययन एवं विकास संस्थान के साथ अमर उजाला ने अपराजिता अभियान के तहत छात्राओं के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता विषय पर कार्यक्रम का आयोजन किया।
कमला नेहरू अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रिया गंजू ने छात्राओं को मासिक धर्म के दिनों में स्वच्छता रखने की सलाह दी। संक्रमण से मासिक धर्म का चक्र भी बिगड़ सकता है। कहा कि इस दौरान नियमित रूप से व्यायाम करें और खाना-पान का ख्याल रखें। उन्होंने अमर उजाला के अपराजिता अभियान की सराहना भी की। बताया कि मासिक धर्म के समय रक्त के नुकसान से शरीर में खून की कमी की समस्या पेश आती है। मासिक धर्म का चक्र अलग-अलग हो सकता है। इस पर सीजन, माहौल, खानपान का असर होता है। खून बैक्टीरिया को सबसे अधिक आकर्षित करता है। व्यक्तिगत स्वच्छता न रखने से संक्रमण हो सकता है। इससे कई बीमारियां होने का खतरा रहता है। इसलिए इन सात दिनों में अपने खानपान में फल, ताजी सब्जियों को शामिल करें। शरीर को अधिक आराम में न रखकर व्यायाम और सैर करें।
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बताया कि 2020 के सर्वे में एनीमिया मुक्त भारत में सामने आए आंकड़ों के अनुसार 50 फीसदी से अधिक आबादी में रक्त की कमी पाई गई है। इनमें महिलाओं की संख्या 54 फीसदी तक है। खून की कमी से सांस लेने में तकलीफ, पढ़ाई में ध्यान न लगना और खेलने में दिक्कत महसूस होती है। इससे पूर्व कॉलेज प्राचार्य डॉ. अनुपम गर्ग ने डॉ. गंजू और घरेलू हिंसा पर लेक्चर देने आई विवि की डीन प्रो. ममता मोक्टा का स्वागत किया। एचपीयू के महिला अध्ययन एवं विकास केंद्र की निदेशक सुषमा रेवाल ने वक्ताओं और कॉलेज प्रशासन का इस आयोजन के लिए आभार जताया।
सब्जियों का करें अधिक सेवन
डॉ. श्रिया गंजू ने बताया कि रक्त की कमी को दूर करने के लिए मांसाहार और शाकाहारी लोग हरी सब्जियों का सेवन करें। चाय और कॉफी को उपयोग कम करना चाहिए। डॉ. गंजू ने 45 साल से अधिक आयु की महिलाओं में होने वाले बच्चेदानी के मुंहके कैंसर रोग के कारणों की जानकारी भी दी। आईजीएमसी में आने वाले महिलाओं के कैंसर के मामलों में 20 फीसदी सर्वाइकल कैंसर के मामले होते हैं। इससे बचाव संभव है, इसके लिए पांच माह में एक बार टेस्ट करवाना जरूरी है।
छात्राएं बोली उपयोगी रहा सत्र
बीए की छात्रा तमन्ना ने कहा कि कार्यक्रम में कई अहम जानकारियां मिली हैं। बीकॉम की ईतिका ने बताया कि मासिक धर्म के विषय को लेकर सवाल पूछने हिचकिचाहट दूर हुई है। बीए की छात्रा हिना ने बताया कि हर छात्रा में उम्र के साथ शरीर में बदलाव आता है। आज के कार्यक्रम में कई अहम जानकारियां मिलीं। बीए की छात्रा शांता ने बताया कि कार्यक्रम में सेहत का ख्याल रखने और संक्रमण से बचाव बारे पता चला।
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घरेलू हिंसा रोकने में आगे आएं युवा : मोक्टा
विवि की डीन प्रो. ममता मोक्टा ने घरों में होने वाली हिंसा को रोकने के लिए बनाए कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा के तहत महिलाओं को सुरक्षा और मुफ्त कानूनी सलाह दी जाती है। कहा कि युवा होने के नाते उनका कर्तव्य बनता है कि वह घरेलू हिंसा को रोकने में सहयोग करें। प्रो. मोक्टा ने हिंसा के साबित होने पर दोषी के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई बारे भी बताया।
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