अभिनेता अनुपम खेर मंगलवार को राजधानी के गेयटी में आयोजित मनोहर सिंह स्मृति नाट्य समारोह कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। वह सोमवार देर रात सड़क मार्ग से शिमला पहुंच गए। वह शाम साढ़े छह बजे होटल मरीना पहुंचे।
सूत्रों का हवाला है कि उनके साथ उनकी मां दुलारी भी शिमला आई है। बताया जा रहा है कि इला अरुण भी अनुपम खेर से मुलाकात करेगी। वहीं, ऐहितहासिक गेयटी थियेटर में सोमवार को ‘नमस्ते’ नाटक का मंचन किया गया। नाटक के निर्देशक केके रैना हैं।
अंग्र्रेजी में लिखे नाटक का हिंदी अनुवाद इला अरुण ने किया है। वही नाटक की लेखक भी इला ही है। यह जानकारी केके रैना ने ‘अमर उजाला’ से कही। नाटक में नये पुराने, राजनीतिक व सामाजिक कारणों को बखूबी व्यक्त किया गया है। नाटक का पूरा मंचन फैमिली ड्रामे पर आधारित है।
नाटक में मुख्य किरदार इला अरुण का है। नाटक की शुरूआत कृष्ण जन्माष्टमी से शुरू होती है। जोकि जन्माष्टमी पर देश लौटता है। नाटक के दौरान अपनी महिला मित्र को साथ लाता है। जबकि नये पुराने विचारों यहां पर आपसी टकराहट होना शुरू होती है।
नाटक के मंचन के दौरान परिवार के सदस्य लड़की को अपनाने से मना कर देते है। वही मार्डन जमाने का युवक अपने माता पिता की सोच को पुरानी व बेबुनियादी सोच कहता है। नाटक में बेटे का किरदार निभा रहे मोहन की भी सभी युक्तियां अपने माता पिता के सामने फैल होती है, जोकि अपने माता पिता को दिखाने के लिए लड़की को सिखाई जाती है।
वह लड़की युवक के दोस्त की होती है जोकि पहली बार भारत आती है। दूसरे धर्म होने के कारण वह हिंदू धर्म को अपनाना नही चाहती। जबकि व्यक्ति भी उसके धर्म को सही मानता है। नाटक में कई अनसुलझी पहेलियों को दर्शाया गया है। नाटक का मूल उद्ेश्य नये और पुराने विचारों में विश्वास को खत्म होना के बारे में बताया गया है।
कार्यक्रम के अंत में भाषा एवं संस्कृति विभाग की निदेशक शशि ठाकुर ने कलाकारों का परिचय करवाया और हिमाचली टोपी पहनकर सम्मानित किया। मनोहर सिंह की स्मृति की अंतिम संध्या पर ‘मेरा वो मतलब नही’ नाटक का मंचन किया जाएगा। कार्यक्रम में अनुपम खेर, नीना गुप्ता और राकेश बेदी मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। नाटक का निर्देशन राकेश बेदी ने किया है।