लारजी हादसे पर अमर उजाला का लाइव वीडियो देखने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हिमाचल सरकार को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस मुख्य सचिव और डीसी मंडी के नाम जारी किया गया है। नोटिस के जरिए आयोग ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर सरकार से जवाब तलब किया है।
सरकार से पूछा गया है कि जिस तरह डैम से अचानक पानी छोड़ कर असहाय छात्रों को शिकार बनाया गया, क्या ये मानवाधिकारों का हनन नहीं है। प्रदेश सरकार तुरंत इसकी रिपोर्ट मांगी गई है। नोटिस की कॉपी आयोग ने अपनी वेबसाइट पर भी अपलोड कर दी है।
अमर उजाला के वीडियो के आधार पर जांच
लारजी हादसे पर ‘अमर उजाला’ का लाइव वीडियो अब इस मामले की जांच का आधार बनेगा। बुधवार के अंक में प्रकाशित इस वीडियो की तस्वीरों और अमर उजाला डॉट काम पर अपलोड किए गए वीडियो को अधिकांश टीवी चैनलों ने हाथों-हाथ लिया।
टीवी पर वीडियो देखकर हादसे के जांच अधिकारी मंडलायुक्त मंडी ओंकार शर्मा ने इसकी फुटेज मांगी है। इस वीडियो के जरिए लारजी डैम से अचानक छोड़े पानी में इंजीनियरिंग छात्रों के बहने की हकीकत पहली बार दुनिया के सामने आई। बुधवार को दिन भर ये लाइव वीडियो हर जगह चर्चा का विषय बना रहा।
सर्च ऑपरेशन के लिए केंद्र से मांगी मदद
हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र से पर्याप्त नेवी डायवर्स उपलब्ध कराने की मांग की है। ब्यास नदी में लापता शवों को तलाशने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से यह कदम उठाया गया है।
इस सिलसिले में बुधवार को सुबह दस बजे सरकार की ओर से एक पत्र भेजा गया। उम्मीद है कि कल तक मौके पर नेवी डायवर्स पहुंच जाएंगे।
घटना के तीन दिन बाद नेवी डायवर्स उपलब्ध कराने के लिए हिमाचल सरकार की ओर से अचानक कदम उठाया गया। सूत्रों का कहना है कि तेलंगाना राज्य के मंत्री और विधायकों के दबाव में हिमाचल की ओर से यह कदम उठाया गया।
तेलंगाना के दबाव के बाद उठाया कदम
लारजी के थलोट हादसे में अभी भी 18 से अधिक शवों की तलाश नहीं पूरी हो पाई है, जिनके लिए छात्रों के परिजन आज भी भटक रहे हैं।
इसको ध्यान में रखकर तेलंगाना की ओर से प्रदेश सरकार पर नेवी डायवर्स मंगाने का दबाव बनाया गया, जिसके तत्काल बाद हिमाचल सरकार ने केंद्र से उपलब्ध कराने की मांग की।
संभव है कि बृहस्पतिवार सुबह तक नेवी डायवर्स मौके पर पहुंचकर शवों का तलाश अभियान शुरू कर देंगे। इसको लेकर मुख्य सचिव पी मित्रा ने भी एक बैठक की थी, जिसके बाद केंद्र को पत्र भेजा गया।
एक और छात्र का शव निकाला
ब्यास नदी में बहे इंजीनियरिंग छात्रों में से एक और छात्र का शव बचाव दलों ने नदी से निकाल लिया है। यह शव घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर हणोगी के पास से निकाला गया है।
जानिए, इंजीनियरिंग छात्रों के आखिरी कमेंट्स?
दोपहर करीब पौने एक बजे एसएसबी और एनडीआरएफ के जवानों ने गोताखोरों की मदद से इस शव को बाहर निकाला है। फिलहाल शव की पहचान करवाई जा रही है।
जानकारी के अनुसार यह शव भी नदी किनारे पत्थरों के नीचे पानी में फंसा हुआ था। इसे सड़क तक पहुंचाया जा रहा है।
देखिए वीडियो