हमीरपुर जिले उपमंडल भोरंज के कड़ोहता गांव के शहीद सेना के जवान अंकुश ठाकुर को मरणोपरांत सेना मेडल से अलंकृत किया गया। ममून मिल्ट्री स्टेशन पठानकोट में आयोजित पश्चिमी कमान अलंकरण समारोह में शहीद की माता ऊषा रानी ने यह मेडल प्राप्त किया।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले उपमंडल भोरंज के कड़ोहता गांव के शहीद सेना के जवान अंकुश ठाकुर को मरणोपरांत सेना मेडल से अलंकृत किया गया। ममून मिल्ट्री स्टेशन पठानकोट में आयोजित पश्चिमी कमान अलंकरण समारोह में शहीद की माता ऊषा रानी ने यह मेडल प्राप्त किया। अंकुश गलवां घाटी में 16 जून 2020 को चीनी सैनिकों से हुई भिड़ंत में शहीद हुए थे। इस भिड़ंत में देश के 20 सैनिकों ने शहादत पाई थी। अंकुश पूर्वी लद्दाख में एक ऑपरेशनल दल के स्काउट के रूप में तैनात थे।
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उन्हें एक निगरानी चौकी स्थापित करने का काम सौंपा गया था। चीन के सैनिकों ने निगरानी चौकी की स्थापना के विरोध में हमारे सैनिकों पर हमला बोल दिया। स्थिति जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। इसके बाद हुई झड़प में सिपाही अंकुश ने वीरता, असाधारण युद्ध कौशल और दुश्मन का डटकर मुकाबला करने में अदम्य साहस का परिचय दिया। घायल होने के बावजूद उन्होंने दुश्मन से लड़ना जारी रखा। सिपाही अंकुश की अदम्य वीरता और कर्तव्य परायणता के लिए उन्हें मरणोपरांत सेना मेडल दिया गया।