साइबर क्राइम (सांकेतिक तस्वीर)
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हिमाचल में अवैध खनन, शराब व मादक पदार्थों की तस्करी पर शिकंजा कसेगा। प्रदेश सरकार ने जिलों में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीसी) स्थापित करने का फैसला लिया है। इन केंद्रों की सहायता से सीसीटीवी और इंटरग्रेटिड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) स्थापित होंगे। इससे प्रदेश व सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाई जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने अपने बजट भाषण में यह घोषणा की है। उन्होंने कहा कि इस पर 7 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी।
इसके अलावा प्रदेश में साइबर अपराध से निपटने के लिए धर्मशाला और मंडी में रेंज स्तर पर दो और साइबर अपराध पुलिस स्टेशन खोले जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश के शिमला में एकमात्र साइबर थाना है। मुख्यमंत्री ने आपातकाल के दौरान मीसा, डीआईआर, सीआरपीसी के अधीन राजनीतिक व सामाजिक कारणों से कारावास व पुलिस स्टेशनों में बंद रहे व्यक्तियों की सम्मान राशि 12 व 20 हजार रुपये की है। पहले यह राशि 8 हजार व 15 दिनों से अधिक समय तक जेल में रहे व्यक्तियों को 12 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से सम्मान राशि प्रदान की जा रही थी।
पुलिस आवास और थाने, चौकियों पर खर्च होंगे 50 करोड़
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पुलिस आवास, थाने, चौकियों और अन्य पुलिस प्रतिष्ठानों, उपकरणों के लिए 50 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है।
गृह रक्षकों के लिए जिला और प्रदेश से बाहर जाने पर दैनिक भत्ता
गृह रक्षकों को जिला और प्रदेश से बाहर जाने पर दैनिक भत्ता मिलेगा। इसके अलावा गृह रक्षक विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को रैंक अलाउंस भी बढ़ाया जाएगा। दुर्गम क्षेत्रों में आग जैसी दुर्घटनाओं की स्थिति मेें राहत प्रदान करने के लिए 4 नए अग्निशमन केंद्र खोलने और 5 अग्निशमन पोस्टों को अग्निशमन उपकेंद्र के रुप में अपग्रेड किया जाएगा।