पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह
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पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि काम पर लौटने के इच्छुक जिला परिषद कैडर जेई का स्वागत है। सरकार कर्मचारियों का बुरा नहीं चाहती। भाजपा के लोग कर्मियों को उकसा रहे हैं। सरकार जिला परिषद कैडर कर्मियों की मांगों को लेकर गंभीर है। कर्मियों का पंचायतीराज विभाग में विलय होगा और वित्तीय लाभ भी मिलेंगे। इसकी शुरुआत जिला परिषद कर्मियों का राज्य कैडर करके कर दी गई है। सरकार का कर्मियों से सिर्फ यह निवेदन है कि थोड़ा सब्र करें। सचिवालय में पत्रकारवार्ता के दौरान अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि प्रदेश आपदा से जूझ रहा है। हड़ताल से पंचायतों में विकास के काम प्रभावित हो रहे हैं। इसका सबसे अधिक नुकसान गरीबों का हो रहा है।
मनरेगा में करोड़ों रुपये स्वीकृत हुए हैं, लेकिन काम नहीं हो रहे। हड़ताली जेई को बर्खास्त करने का कदम सरकार को मजबूरी में उठाना पड़ा है। आउटसोर्स पर नए लोगों की भर्ती का भी फैसला लिया है। सभी हड़ताली कर्मियों से निवेदन है कि आपदा के समय में तुरंत काम पर लौट आएं। कर्मियों की मांगों पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा हुई है। मुख्यमंत्री ने मामला विभागीय स्तर पर हल करने के निर्देश दिए हैं। सभी मंत्रियों और विभागीय सचिवों से इस मामले पर चर्चा हो चुकी है। अनिरुद्ध ने कहा कि हड़ताली कर्मियों पर नो वर्क नो पे लागू रहेगा। जितना दिन हड़ताल पर रहेंगे उसका वेतन नहीं मिलेगा।
घोषणाओं का पैसा जेब से नहीं देते मोदी
आपदा राहत के लिए केंद्र से मदद न मिलने पर अनिरुद्ध ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जो बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते हैं उसके लिए पैसा अपनी जेब से नहीं देते, लोगों के टैक्स का पैसा ही बांटते हैं। भाजपा अध्यक्ष को अपने काम से काम रखना चाहिए। बिंदल बताएं जब उनकी सरकार थी तब उन्होंने जिला परिषद कैडर के कर्मियों का विलय क्यों नहीं किया।