फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला चिकित्सक के साथ दरिंदगी पर हिमाचल में गुस्सा, सड़कों पर उतरे लोग

Mon, 02 Dec 2019 08:12 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पांवटा साहिब/सोलन/बिलासपुर/घुमारवी
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
हैदराबाद में महिला चिकित्सक से दरिंदगी का गुस्सा हिमाचल में देखने को मिल रहा है। सोमवार को सिरमौर, बिलासपुर, शिमला, मंडी और सोलन में विभिन्न छात्र संगठन दरिंदों को सजा देने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। एबीवीपी की पांवटा कॉलेज इकाई ने केंद्र और तेलंगाना सरकार से इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की है। कॉलेज परिसर में एबीवीपी इकाई ने धरना-प्रदर्शन किया।
विज्ञापन


प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रिया मेहता, इकाई अध्यक्ष कुणाल शर्मा, इकाई सचिव सद्दान, पूजा, तनिष्का, मनप्रीत, भारती, अंजू बाला, भार्गव,अमनदीप, विशाल, विजय चौधरी समेत संगठन के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन में भाग लिया। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रिया मेहता और इकाई अध्यक्ष कुणाल शर्मा ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकारों को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे युवतियां और  महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। इधर, डिग्री कॉलेज सोलन की एसएफआई इकाई ने भी प्रदर्शन किया। इकाई के सचिव कर्ण ने कहा कि  घटना से पूरा देश फिर से शर्मसार हुआ है। 

 
विज्ञापन

मंडी और शिमला में अमर उजाला ने करवाया संवाद

- फोटो : अमर उजाला
कॉलेज की छात्राओं ने शाम के समय मालरोड पर देश को शर्मसार करने वाली इस घटना को लेकर रोष रैली निकाली। इधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बिलासपुर और घुमारवीं इकाई ने भी प्रदर्शन किया। घुमारवीं कॉलेज में धरना प्रदर्शन किया और बिलासपुर कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। विद्यार्थी परिषद बिलासपुर जिला संयोजक उज्ज्वल कैंथ ने कहा कि इस मामले की बारीकी से जांच की जानी चाहिए और दरिंदों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए।

विद्यार्थी परिषद बिलासपुर इकाई के अध्यक्ष प्रशांत ठाकुर ने कहा कि जब एक रात में नोटबंदी हो सकती है एक रात में सरकार परिवर्तित हो सकती है तो 1 दिन में हत्यारों को फांसी क्यों नहीं। तेलंगाना में महिला डॉक्टर से हुई दरिंदगी के बाद देश गुस्से में है। इस घटना के बाद महिला सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। अमर उजाला ने सोमवार को इस मुद्दे पर शिमला और मंडी में प्रबुद्घ महिलाओं से संवाद किया। महिलाएं बोलीं कि जब तक बेटियों की तरह बेटों को संस्कार नहीं देंगे तब तक महिला अपराध नहीं रुकेगा। यह भी तर्क दिया कि राजनीति और निर्णय लेने वाले पदों पर महिलाएं जब नहीं होंगी, तब तक हालात नहीं बदलेंगे
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें