सूबे के तीन विकास खंडों के लोगों को आयुर्वेदिक दवाइयों से एनीमिया मुक्त करने पर जयराम सरकार काम करेगी। इसमें शिमला जिला का ठियोग, सोलन का कसौली और मंडी जिले का करसोग विकास खंड शामिल किया गया है।
पहले चरण में कांगड़ा के बैजनाथ, शिमला के बसंतपुर और कुल्लू के बंजार विकास खंड के लोगों को आयुर्वेेदिक दवाइयों से एनीमिया मुक्त करने पर काम चल रहा है। इन तीनों विकास खंडों में आयुर्वेद विभाग को पायलट स्तर पर काम करने का जिम्मा सौंपा गया था।
जिसके पहले चरण में सभी लोगों के सैंपल लेकर एनीमिया की जांच की जानी थी। उसके बाद आयुर्वेदिक दवाइयों से उपचार किया जाना था। साथ ही हर महीने एनीमिक मरीज की जांच कर फीडबैक लेने की योजना थी। अब बजट में इसमें तीन और विकास खंडों को जोड़ा गया है, जहां पर आयुर्वेद पद्घति से लोगों को एनीमिया मुक्त किया जाएगा।
आयुर्वेदिक फार्मेसी में बढ़ेगी उत्पादन क्षमता
सूबे की राजकीय आयुर्वेदिक फार्मेसी केंद्रों में उत्पादन की क्षमता को बढ़ाने पर जयराम सरकार इस वित्त वर्ष में काम करेगा। फार्मेसी में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए नए संयंत्र, उपकरण को उन्नयनित किया जाएंगे। निजी क्षेत्र में भी इसकी संभावनाएं तलाशी जाएगी।
625 स्वास्थ्य केंद्र बनेंगे हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर
आयुष्मान भारत योजना के तहत सूबे के 500 स्वास्थ्य उपकेंद्रों और 125 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को केंद्र हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में तबदील किया जाएगा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने दूसरे बजट में इसकी घोषणा की। इससे पहले सूबे में 120 स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में विकसित करने को काम शुरू हो चुका है।