महिला के परदादा और उनके एक बेटे की शिमला में हुई थी मृत्यु
बताया कि उनके परदादा और उनके एक बेटे की शिमला में मृत्यु हुई थी। परदादा जेम्स डी वीन की मौत सितंबर 1895 में हुई। इनके 16 साल के बेटे की मौत भी इसी महीने हुई थी। नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा में जब इसका रिकॉर्ड चेक किया गया तो सारा ब्योरा मिल गया। नगर निगम ने इसके प्रमाण पत्र भी इन्हें जारी किए। प्रमाण पत्र देखकर महिला सैलानी खुश और कुछ देर के लिए भावुक भी हो गई, उसे भरोसा नहीं हो रहा था कि इतना पुराना रिकॉर्ड यहां मिल जाएगा। निगम के अनुसार महिला ने बताया था कि उनके ये पूर्वज फ्रैंकलिन कॉटेज में रहते थे जो चर्च के पास स्थित है। महिला ने यहां जाकर भी कॉटेज को देखा है।
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निगम के पास है 1870 तक का रिकॉर्ड
नगर निगम के पास साल 1870 से 2015 तक शिमला में जन्मे तीन लाख से ज्यादा लोगों का रिकॉर्ड दर्ज है। इसके अलावा इस दौरान जिनकी मृत्यु हुई, उसका रिकॉर्ड भी सुरक्षित है। इनमें 1870 से 1947 तक कई अंग्रेजों का रिकॉर्ड भी दर्ज है। हर साल कई विदेशी नागरिक शिमला आकर याद के तौर पर अपने पूर्वजों का रिकॉर्ड ले जाते हैं। निगम ने हाल ही में इसे आनलाइन भी कर दिया है। लेकिन विदेशी नागरिकों को फिलहाल यह सुविधा नहीं मिली है।