कुफरी के पर्यटन कारोबारी।
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ऑल लद्दाख होटल एंड गेस्ट हाउस एसोसिएशन की अध्यक्ष रिगजिन वांग्मो ने बताया कि 7 मई को हवाई सेवाएं बंद होने के बाद देश-विदेश के करीब 2000 सैलानी लद्दाख में फंस गए थे। एसोसिएशन ने एक मत होकर सैलानियों को बिना कोई पैसा लिए होटलों में ठहराने का फैसला लिया है। रिगजिन ने बताया कि प्रशासन के सहयोग से ऑल लद्दाख टूअर ऑपरेटर एसोसिएशन की मदद से टैंपो और टैक्सियों से सैलानियों को मनाली भेजा जा रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष त्से वांग दोरजे ने बताया कि सिर्फ पेट्राेल-डीजल के खर्च पर सैलानियों को स्थानीय प्रशासन के सहयोग से लेह लद्दाख से नीमो-दारचा होते मनाली भेजा जा रहा है। आपदा की इस स्थिति में लद्दाख के पर्यटन कारोबारी पूरी तरह सैलानियों के साथ हैं।
कुफरी के पर्यटन कारोबारी करेंगे रक्तदान
उधर, शनिवार को शिमला के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुफरी के पर्यटन कारोबारियों ने सामूहिक रूप से महासू पीक पर बैठक कर भारतीय सेना के लिए रक्तदान करने का फैसला लिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष श्याम ठाकुर और महासचिव राहुल झीना ने बताया कि आपदा की इस घड़ी में कुफरी के पर्यटन कारोबारी भारतीय सेना के साथ हैं। हम सीमाओं पर नहीं जा सकते लेकिन सेना के लिए रक्तदान कर अपनी भूमिका निभाएंगे। सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए हम हर प्रयास करेंगे। कुफरी के सभी पर्यटन कारोबारी आपस में पैसे इक्कट्ठे कर भारतीय सेना के लिए भेजेंगे।