नेशनल हेल्थ मिशन कार्यालय के बाहर शुक्रवार को नौकरी से निकाले गए 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के सैकड़ों कर्मचारियों की नौकरी बहाली पर कंपनी तैयार हो गई है। शुक्रवार को एनएचएम कार्यालय के बाहर करीब आठ घंटे तक प्रदर्शन के बाद उनकी मांगें मान ली गई हैं। कंपनी और एनएचएम का कहना है कि दो महीने में नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को दोबारा नौकरी पर बहाल किया जाएगा। सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने इस बात की पुष्टि की है।
एनएचएम कार्यालय के बाहर शुक्रवार सुबह सीटू की अगुवाई में सैकड़ों कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कई महिला कर्मचारी भी अपने बच्चों के साथ शामिल हुईं। इस दौरान कंपनी और एनएचएम के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसके बाद कार्यालय में कंपनी, एनएचएम तथा माकपा विधायक राकेश सिंघा और सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, 108 और 102 के संयोजक मनोहर लाल, सह संयोजक प्रवीण को बैठक के लिए बुलाया गया। शाम सात बजे तक चली बैठक में कर्मचारियों की मांगें मानने व दो महीने के भीतर कर्मचारियों की नौकरी बहाली की बात कहने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
इस अवसर पर सीटू के महासचिव प्रेम गौतम, जगत राम, रविंद्र कुमार, सुदेश कुमारी, अजय दुलटा, कुलदीप डोगरा, संजय चौहान, कुलदीप तंवर, सत्यवान पुंडीर, फालमा चौहान, राजेंद्र ठाकुर, नरेंद्र कुमार, बालक राम, विनोद बिरसांटा, किशोरी ढटवालिया, बलबीर पराशर, विजय शर्मा, दीपक कुमार, राजेश चंदेल, मुनीश कुमार, रजनीश कुमार, भूपेंद्र सिंह, धीरज धीमान, अजय कुमार, संजय कुमार, धर्मवीर, संजीव खजूरिया, रंजीव कुठियाला व विवेक कश्यप मौजूद रहे।