मंदी केवल भारत में नहीं बल्कि यह ग्लोबल समस्या है। एक दौर के बाद मंदी आती है, समय के साथ सब सामान्य हो जाता है। अगर बाजार में कहीं निराशा का भाव है तो इससे व्यापारियों को निपटने के लिए तैयार होना होगा। बाजार में मंदी की आहट के मद्देनजर अमर उजाला ने सकारात्मक पहल करते हुए बुधवार को बचत भवन ऊना में जिले के कारोबारियों और उद्यमियों के लिए समृद्धि संवाद का आयोजन किया।
इसमें आबकारी और कराधान विभाग के उपायुक्त प्रदीप शर्मा, सहायक आयुक्त संजय शर्मा, अग्रणी प्रबंधक पंजाब नेशनल बैंक जेपी भनोट तथा पीएनबी से आरके डोगरा बतौर विशेष अतिथि और विशेषज्ञ मौजूद रहे। कार्यक्रम में कारोबारियों ने जहां मंदी से उबरने के उपायों पर मंथन किया, वहीं अधिकारियों के समक्ष समस्याएं और सुझाव भी रखे। जीएसटी के मुद्दे पर भी उद्यमियों और कारोबारियों ने चर्चा की।
पंजाब नेशल बैंक से सेवानिवृत्त वित्तीय सलाहकार हरमेश राजपूत के अलावा कारोबारियों में गरुड़ पाइप मैहतपुर से बीएन कश्यप, हरीश शर्मा, अरविंदर सिंह, रजनीश लठ, अशोक शर्मा, सन्नी ठाकुर, नंबरदार रामपाल, राकेश सूरज, भगवंत किशोर, सरवण कुमार, मुकेश साहनी, विकास कुमार, विनोद कुमार आदि ने भी विचार रखे।
जीएसटी व्यापारियों के हित में : प्रदीप
डिप्टी कमिश्नर एक्साइज एंड टैक्सेशन प्रदीप शर्मा ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद अब तक इसमें 550 बार संशोधन कर अधिसूचना जारी हो चुकी है। सभी अधिसूचनाएं व्यापारियों के हक में है। उन्होंने कहा कि मंदी का असर बाजार में कितना है और कितना नहीं, यह एक व्यापारी से ज्यादा कोई नहीं बता सकता। यह एक दौर है जो जल्द छंटेगा। देश में त्योहारी सीजन में बाजार फिर से गुलजार होगा।
बैंक की योजनाओं का उठाएं लाभ : भनोट
लीड बैंक प्रबंधक जेपी भनोट ने कहा कि मंदी एक अंतरराष्ट्रीय समस्या है। इससे कोई भी देश अछूता नहीं है। यह एक सर्कुलर रिएक्शन है। जो एक दौर के बाद रिपीट करता है। बैंक केवल डिपॉजिट लेने के लिए नहीं हैं। कारोबारियों के लिए बैंकों द्वारा बहुत सी लोन योजनाएं शुरू की गई हैं, जिसका लाभ उठाकर कारोबारी मंदी से उबर सकते हैं। उन्होंने बताया कि एमएसएमई को विशेष रियायत के तहत 31 मार्च, 2020 तक एनपीए नहीं किया जाएगा।