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नाहन (सिरमौर)। जिले में दो साल बाद पहली बार शिक्षा सत्र के शुरुआती दौर से स्कूल खुले हैं। सरकारी के साथ निजी स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया जारी है। दो साल की महामारी के बीच कई लोगों का रोजगार छिना है, कइयों के काम धंधे चौपट हुए हैं। लोगों की आय में कमी आई है।
इसे देखते हुए कई निजी स्कूलों ने नई व्यवस्थाएं पैदा की हैं। न्यू ईरा अकादमी हाई स्कूल नाहन और होलीफेथ पब्लिक स्कूल सैनवाला ने इस बार अभिभावकों को राहत दी है। दोनों स्कूलों में दाखिला फीस नहीं ली जा रही है। मासिक फीस में भी वृद्धि नहीं की है। स्कूल प्रशासन का मानना है कि अच्छी शिक्षा पर सभी हक होना चाहिए। कमजोर आर्थिकी के चलते किसी की पढ़ाई नहीं छूटनी चाहिए। इसके अलावा दोनों स्कूलों में कई विद्यार्थी दो साल में पहली बार स्कूल पहुंचे हैं। ऐसे में शिक्षकों से बच्चों को स्कूल में घर जैसा माहौल देने के निर्देश दिए हैं, ताकि वे कक्षाओं में बैठने के आदी हो जाएं।
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क्या कहते हैं शिक्षक :
1. न्यू ईरा अकादमी हाई स्कूल नाहन की प्रधानाचार्य शाहिना आलम ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान रोजगार छिन जाने से कइयों के घरों की हालत बिगड़ी है। इसे देखते हुए स्कूल में नई एडमिशन पर दाखिला फीस नहीं ली जा रही है। मासिक फीस भी नहीं बढ़ाई है, ताकि लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
2. शिक्षिका रीतु भंडारी ने कहा कि छोटी कक्षाओं के बच्चों को पूरा दिन बैठने की आदत नहीं रही है। ऐसे में उन्हें स्कूल में घर जैसा माहौल दिया जा रहा है, ताकि वह धीरे-धीरे स्कूल के माहौल में ढल जाएं।
3. होलीफेथ पब्लिक स्कूल सैनवाला के मुख्य अध्यापक अमीचंद ने कहा कि इस वर्ष अभिभावकों को अतिरिक्त बोझ से बचाया गया है। सभी शिक्षक छोटे बच्चों के साथ दुलार और प्यार से पेश आ रहे हैं ताकि वे धीरे-धीरे स्कूल के माहौल में ढल सकें।