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अमर उजाला अभियान स्वास्थ्य: विभाग की सूझबूझ ने विद्यार्थियों में दूर किया कोरोना वैक्सीन का डर

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कुल्लू। स्वास्थ्य विभाग के प्लान से जिले में 12 से 14 साल के विद्यार्थियों के वैक्सीनेशन अभियान ने रफ्तार पकड़ी है।
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विद्यार्थियों के मन से वैक्सीन का डर दूर करने के लिए विभाग ने कुछ व्यवस्थाएं की हैं। इस प्लान से अब विद्यार्थी न डर रहे हैं और न ही वैक्सीनेशन अभियान में कोई बाधा उत्पन्न हो रही है। स्कूलों में ही वैक्सीनेशन केंद्र बनाए जा रहे हैं।
प्लान के अनुसार एक समय में एक ही विद्यार्थी को केंद्र में प्रवेश दिया जा रहा है। वैक्सीनेशन के लिए विद्यार्थियों का पंजीकरण स्कूल के दूसरे कमरे या मैदान में किया जा रहा है।
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राजकीय कन्या विद्यालय सुल्तानपुर में बुधवार को वैक्सीनेशन केंद्र में विद्यार्थियों को टीके लगाए गए। विद्यार्थियों का पंजीकरण खेल मैदान में किया गया। वैक्सीन लगवाने के लिए एक-एक कर विद्यार्थियों को वैक्सीनेशन रूम में भेजा गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि इस व्यवस्था से पहले विद्यार्थियों की भीड़ लग रही थी। एक-दूसरे को देखकर कुछ विद्यार्थी सहम जा रहे थे। इससे वैक्सीनेशन में परेशानी आ रही थी। अब यह समस्या नहीं है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दोरजे अंगरूप ने कहा कि रोजाना 12 से 14 साल के विद्यार्थियों को विभिन्न स्कूलों में ही वैक्सीनेशन शेड्यूल के हिसाब से वैक्सीन उपलब्ध करवाई जा रही है।
कुल्लू के नौ स्कूलों में लगी वैक्सीन
जिले में बुधवार को तीन स्वास्थ्य खंडों में नौ वैक्सीनेशन केंद्रों में 12 से 14 साल के विद्यार्थियों को वैक्सीन लगाई गई। नग्गर खंड में दो राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खराहल (किंजा), जगतसूख और राजकीय उच्च विद्यालय बड़ाग्रां, निरमंड खंड में सीएच निरमंड और ग्राम पंचायत कार्यालय जगातखाना, जरी खंड में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या विद्यालय सुल्तानपुर, भुट्टी, भल्याणी और मिडल स्कूल माशणां में विद्यार्थियों को वैक्सीन लगाई गई।
राधिका ने कहा कि उन्हें वैक्सीन लगवाने से डर लग रहा था। जब उन्हें पता चला की उनके स्कूल में वैक्सीन लगनी है तो घबरा गई थी, लेकिन अभिभावकों और अध्यापकों ने उनका मनोबल बढ़ाया।
सृष्टि ठाकुर ने कहा कि वैक्सीनेशन केंद्र पर भीड़ नहीं रही। विद्यार्थियों को अलग-अलग कतारों में बैठाया गया। स्कूल प्रांगण में वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण किया गया, फिर टीका लगाया गया।
राधिका ठाकुर ने कहा कि उनके घर में सभी सदस्यों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं। उनके मन में वैक्सीन लगवाने को लेकर संशय था। उनकी बड़ी बहन ने उन्हें प्रेरित किया।
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जसमीन ने कहा कि उन्होंने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है। बेसब्री से वैक्सीनेशन का इंतजार कर रही थी। परिजनों और अध्यापकों की तरह स्वयं को कोरोना से सुरक्षित किया है।
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