चबंा पहुंचीं पद्मश्री ललिता वकील का स्वागत करते लोग।
चंबा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों सर्वोच्च सम्मान पद्मश्री प्राप्त करने के बाद चंबा लौटीं पद्मश्री ललिता वकील का संस्थाओं और लोगों की ओर से भव्य स्वागत किया गया। जैसे ही ललिता वकील चंबा मुख्यालय पहुंचीं तो लोगों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों से स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। लोगों ने उन पर पुष्पवर्षा भी की। परिवर्तन स्वयं सहायता समूह के सदस्य, नॉट आन मैप के पदाधिकारी और सदस्य, भाजपा जिलाध्यक्ष जसवीर नागपाल, डॉ. केशव, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और सदस्यों ने ललिता वकील को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह जिला चंबा के लिए गौरव की बात है।
नॉट ऑन मैप संस्था के सह संयोजक मनुज शर्मा ने कहा कि चंबा के लिए आज खुशी का मौका है। पद्मश्री ललिता वकील की ओर से चंबा रुमाल की कला को सहेजने और इस दिशा में लगातार बेहतर कार्य करने से ही उन्हें यह सम्मान मिला है। इससे जिला चंबा के सभी लोगों को प्रेरणा मिली है। गौरतलब है कि चंबा रुमाल को ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में लगातार बेहतर कार्य करने के लिए चंबा शहर निवासी ललिता वकील को दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों सर्वोच्च पुरस्कार पद्मश्री से नवाजा गया है। ललिता वकील चंबा शहर के चौंतड़ा मोहल्ला की रहने वाली हैं। उनका चयन विभिन्न क्षेत्रों में महारत हासिल देशभर के 128 लोगों में हुआ था। इससे पहले कला क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर ललिता को 1993 में राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने सम्मानित किया था। 1995 में उन्हें लखनऊ में बेस्ट क्राफ्ट वूमेन अवार्ड मिला है। 1997 में दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस पर भी उन्हें सम्मानित किया गया था। 2000 में कला श्री अवार्ड और 2006 में कला रत्न अवार्ड मिला है। मार्च 2019 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें सम्मानित किया है। ललिता वकील 1970 से चंबा रुमाल की कारीगरी को सहेजने और इसे नए रंग रूप में ढालने का कार्य कर रही हैं।