क्रस्ना लैब में लग रही टेस्ट करवाने के लिए लंबी लाइनें
अमर उजाला ब्यूरो शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) की सरकारी लैब में छह माह से विटामिन टेस्ट बंद पड़े हैं। इस कारण विटामिन टेस्ट करवाने के लिए मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बंद पड़े विटामिन टेस्टों में विटामिन डी, बी 12, विटामिन सी, विटामिन ए और विटामिन ई शामिल हैं।
हालात यह हैं कि सरकारी लैब में टेस्ट न होने से मरीजों को अधिकृत निजी क्रस्ना लैब में यह टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं, लेकिन यहां भीड़ अधिक होने से मरीजों को घंटों अपने बारी का इंतजार करना पड़ता है। इनमें से कई मरीज भीड़ के कारण निजी क्लीनिकों में टेस्ट करवाने के लिए जाने को मजबूर हैं, जहां जांच के लिए 300 से 1000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, जबकि सरकारी लैब में विटामिन जांच निशुल्क की जाती है। हड्डी रोग समेत अन्य ओपीडी में मरीजों को विटामिन से संबंधित टेस्ट लिखे जाते हैं। सरकारी ओपीडी में दोपहर 12:00 बजे तक अन्य टेस्ट होते हैं। ऐसे में मरीज पहले सरकारी लैब में जांच के बारे में पूछते हैं, लेकिन वहां से उन्हें टेस्ट न होने की जानकारी देकर वापस भेज दिया जाता है। बुधवार को विटामिन जांच करवाने पहुंचे विवेक शर्मा, श्याम, नीतिका, सुनील, चेतना समेत अन्य मरीजों ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से व्यवस्था सुधारने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विटामिन टेस्ट करवाने के लिए दो बार कतार में लगना पड़ता है। पहले सरकारी लैब के पंजीकरण काउंटर के बाहर लाइन में खड़ा होना पड़ता है। वहां टेस्ट से मना करने के बाद मजबूरी में क्रस्ना लैब के पंजीकरण काउंटर के बाहर खड़ा होना पड़ता है। यहां भीड़ अधिक होने के कारण घंटों इंतजार के बाद भी बारी नहीं आती। इसके बाद मरीजों को निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ता है।