मुख्यमंत्री ने वाकनाघाट में बन रहे उत्कृष्ट केंद्र की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसके निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा इसमें एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रयोगशाला भी स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला कांगड़ा के चैतड़ू और जिला शिमला के मेहली में स्थापित किए जा रहे आईटी पार्क का निर्माण दिसंबर 2025 तक पूरा किया जाए। शासन में डिजिटल सेवाओं की महत्ता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों को अपने कार्यों को डिजिटाइज करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अधिक से अधिक सेवाओं को एक क्लिक के माध्यम से लोगों के घर-द्वार पर पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रही है। सभी विभागों को सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवाओं को पूर्ण रूप से अपनाना चाहिए और कार्यालयों में पारदर्शिता लाने व कार्य को प्रभावी बनाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली को प्रयोग में लाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-फाइल प्रबंधन व नवीन प्रौद्योगिकी के प्रयोग में निपुण बनाने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (सूचना प्रौद्योगिकी एवं नवाचार) गोकुल बुटेल, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, सचिव सूचना प्रौद्योगिकी आशीष सिंहमार, निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी डॉ. निपुण जिन्दल, आयुक्त श्रम एवं रोजगार वीरेंद्र शर्मा उपस्थित रहे।
सोलन के वाकनाघाट में बनेगी साइबर सिटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला सोलन के वाकनाघाट में साइबर सिटी स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है। साइबर सिटी 650 बीघा भूमि पर बनेगी, जिसमें डाटा स्टोरेज, आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस सहित अन्य सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उद्योग कार्यशील होंगे। मुख्यमंत्री ने विभाग को परियोजना से जुड़े विस्तृत ब्लू प्रिंट शीघ्र तैयार करने के निर्देश भी दिए। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र को प्रमुख क्षेत्र बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हिमाचल में प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहित करने और सूचना प्रौद्योगिकी अधोसंरचना क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है।