वक्फ बोर्ड को आयुक्त कोर्ट के फैसले की मिली कॉपी, हाईकोर्ट में चुनौती की तैयारी
अपने खर्च पर निर्माण गिराने के आदेश, न गिराया तो नगर निगम वास्तुकार तोड़ेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी की संजौली मस्जिद में बनाई सभी अवैध मंजिलें आठ हफ्ते के भीतर गिरानी होंगी। आयुक्त कोर्ट ने वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी को अपने खर्च, जोखिम पर अवैध निर्माण को गिराने के आदेश दिए हैं। आठ हफ्ते में कार्रवाई न होने पर नगर निगम वास्तुकार इसे खुद गिराएंगे।
मस्जिद की बिजली और पानी के कनेक्शन काटने के आदेश भी इसमें शामिल हैं। नगर निगम आयुक्त कोर्ट में तीन मई को सुनाए फैसले की विस्तृत कॉपी बुधवार को जारी कर दी गई है। फैसले की कॉपी जारी होने के साथ ही अवैध निर्माण गिराने की आठ हफ्ते की समय सीमा भी शुरू हो गई है। वक्फ बोर्ड के संपदा अधिकारी कुतुबदीन मान ने बुधवार दोपहर के समय नगर निगम की वास्तुकार शाखा में पहुंचकर आयुक्त कोर्ट के फैसले की यह कॉपी हासिल की।
15 पेज के फैसले में मस्जिद की सभी पांचों मंजिलों को अवैध माना गया है। तीन मई को मस्जिद की निचली दो मंजिलों को भी अवैध करार दिया था। ऐसे में इस सारे निर्माण को आठ हफ्ते के भीतर हटाने के आदेश दिए हैं। फैसले में साफ लिखा है कि अवैध निर्माण न गिराने पर नगर निगम वास्तुकार कार्रवाई करेंगे। नगर निगम वास्तुकार राजेश शर्मा ने कहा कि वक्फ बोर्ड को संजौली मस्जिद पर आए फैसले की कॉपी सौंप दी है।
फैसले को चुनौती देगा वक्फ बोर्ड
वक्फ बोर्ड के संपदा अधिकारी कुतुबदीन मान ने कहा कि नगर निगम आयुक्त कोर्ट के फैसले की कॉपी मिल गई है। इस बारे में बोर्ड के उच्च अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी। आपस में बात कर जो भी सहमति बनेगी, उसके अनुसार ही कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि फैसले को उच्च अदालत में भी चुनौती दी जा सकती है। वक्फ बोर्ड दावा कर चुका है कि मस्जिद की निचली दो मंजिलों का निर्माण 1947 में हो चुका है। ऐसे में यह पुराना निर्माण है। उधर आयुक्त कोर्ट में सुनवाई के दौरान पाया गया कि साल 2010 में पुनर्निर्माण के लिए इस पुराने ढांचे को गिरा दिया था। मस्जिद कमेटी ने नए निर्माण के लिए न कोई नक्शा दिया और न ही नगर निगम से मंजूरी ली। इसीलिए यह निर्माण अवैध है। इसी आधार पर इसे गिराने के आदेश दिए हैं।