महज 16 साल की उम्र में पैराग्लाइडिंग शुरू करने वाली अलीशा आज भारत की शीर्ष महिला पपायलटों में शामिल हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद, 2019 में उन्होंने अपनी पहली उड़ान भरी।
कजाकिस्तान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता में जोगिंद्रनगर की अलीशा कटोच ने देश का प्रतिनिधित्व कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। जोगिंद्रनगर उपमंडल की एहजू पंचायत के त्रामट गांव की अलीशा ने 16 साल की उम्र में पैराग्लाइडिंग की दुनिया में कदम रखा था। वह अब भारत की शीर्ष महिला पैराग्लाइडिंग पायलट बन गई हैं। वर्ष 2019 में अलीशा ने परिवार को बताए बिना पहली पैराग्लाइडिंग उड़ान भरी थी। उसी दिन से अलीशा को उड़ने का ऐसा जुनून चढ़ा कि उसने इसे अपना सपना बना लिया।
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आर्थिक तंगी और समुदाय से अपेक्षित समर्थन न मिलने के कारण उन्हें एक समय पैराग्लाइडिंग छोड़कर भारतीय सेवाओं में शामिल होना पड़ा, ताकि वह अपने भविष्य को सुरक्षित कर सके। वर्ष 2022 अलीशा के जीवन में एक बड़ा मोड़ लेकर आया, जब भारत के जाने-माने पैराग्लाइडिंग पायलट विजय सोनी ने उनकी प्रतिभा को पहचाना। अलीशा ने 2023 में पहली प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर शानदार जीत हासिल की थी। अलीशा अब ऑरेंज लाइफ पैराग्लाइडिंग स्कूल में लगातार प्रशिक्षण ले रही हैं और अपने कौशल को निखार रही हैं।