अक्षय तृतीया सोना और चांदी घर, व्यापार और शिक्षा आदि किसी भी किसी भी क्षेत्र में निवेश करने के लिए बहुत शुभ दिन माना जाता है। नक्षत्रों का सम्राट माने गए रवि पुष्य योग के अक्षय तृतीया के दिन कई वर्षों के बाद सोमवार को आने के कारण इस योग में सोना-चांदी की खरीदारी को खूब शुभ माना जाता है।
नौ मई सोमवार को सूर्योदय से लेकर रात करीब नौ बजे तक रवि पुष्य योग बनने से ज्योतिषी भी इस दिन को अत्यंत शुभ मान रहे हैं। संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य एवं ज्योतिषी आचार्य डा. प्रेमलाल गौतम ने कहा कि रवि पुष्य योग काफी समय बाद आता है। ये योग सोना, चांदी, शिक्षा और व्यापार के क्षेत्र के लिए शुभ माना जाता है।
सोना-चांदी, घर की खरीदारी और शिक्षा के लिए ये दिन ज्योतिष शास्त्र में काफी महत्व रखता है। रवि पुष्य योग को सारे योगों में उत्तम माना जाता है। इसे फलदायी भी कहा जा सकता है। उनके मुताबिक व्यापार ही नहीं, बल्कि घर में जप, हवन और पूजन जैसे कार्यों के लिए भी रवि पुष्य योग को अच्छा माना जाता है। वैदिक पंचांग में ये दिन सोने और चांदी की खरीदारी के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
सोने के गहने खरीदने पर पूरा साल सुख और समृद्घि
अक्षय तृतीया
इन दिनों सूर्य की चमक सबसे अधिक होती है। सोने के गहने खरीदने पर पूरा साल सुख और समृद्ध से भरा रहता है। अक्षय तृतीया के लिए प्रदेश के जाने-माने हॉलमार्क आभूषण विक्रेता वर्मा ज्वेलर्स में ग्राहकों ने आभूषणों की एडवांस बुकिंग शुरू कर दी है। वर्मा ज्वेलर्स के मालिक अक्षय वर्मा ने कहा कि आभूषणों की एडवांस बुकिंग शुरू कर दी गई है।
अक्षय तृतीया पर वाहनों की सोने-चांदी के आभूषणों की खरीद के लिए खूब भीड़ रहती है। अक्षय तृतीया पर कई प्रकार के ग्राहकों के लिए विशेष तौर पर कई तरह के आभूषणों को कोलकाता और अहमदाबाद से मंगवाया जा रहा है। अंगुठियां, कान की बालियां, चूड़ियां, कड़े, सेट्स, पेडेंट्स आदि आभूषणों की विस्तृत रेंज रखी गई है।
टांगरी ज्वेलर्स के मालिक अतुल टांगरी ने भी कहा कि अक्षय तृतीया पर डिस्काउंट दिया जाएगा। अहमदाबादी कुंदन, राजकोट, कोलकाता के आभूषणों के अलावा मंदिरों के आभूषणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अक्षय तृतीया पर हर साल उनके पास काफी लोग आते हैं।