पहाड़ों की रानी शिमला में इस वर्ष विंटर पर्यटन सीजन से पहले एटीआर 42 की फ्लाइट शुरू होगी। जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे के विस्तारीकरण में हो रही देरी पर केंद्र सरकार पुरानी व्यवस्था पर लौटने वाला है। इन दिनों मंत्रालय के स्तर पर 42 सीटर विमान की खरीद प्रक्रिया जारी है। संभावित है कि नवंबर या दिसंबर 2021 तक शिमला के लिए दिल्ली से एटीआर 42 की सेवा शुरू हो जाएगी। शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे पर 72 सीटर विमान उतरने के लिए अभी और इंतजार करना होगा।
हवाई अड्डे के विस्तारीकरण में सैकड़ों पेड़ बाधक बन गए हैं। रनवे कम चौड़ा होने से बीते डेढ़ वर्ष से शिमला-दिल्ली हवाई सेवा बंद है। फरवरी 2020 में आखिरी बार दिल्ली से शिमला के लिए विमान आया था। जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे में 1200 मीटर रनवे की लंबाई व चौड़ाई और बढ़ाने की संभावनाएं तलाशने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने बीते वर्ष नवंबर में सर्वेक्षण किया था। बाधा सीमा सर्वेक्षण (ओएलएस) के लिए अथॉरिटी की टीम दौरा भी कर चुकी है।
बड़े हवाई जहाज की सुरक्षित लैंडिंग को 1500 मीटर रनवे चाहिए। शिमला हवाई अड्डे के तीनों ओर गहरी खाई है। ऐसे में रनवे करीब 1500 तक करने की तैयारी है। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि हवाई अड्डे की सेंट्रल लाइन से दाएं औ बाएं 75-75 मीटर की स्ट्रीप होना जरूरी है। इसके लिए पेड़ काटने होंगे। इसे लेकर एफसीए केस बनाया गया है, लेकिन मामला अभी फाइलों में है। इसके अलावा राज्य सरकार से भूमि भी दी जानी है। इन औपचारिकताओं में समय लगेगा। ऐसे में केंद्र ने शिमला के लिए हवाई सेवा शुरू करने के लिए एटीआर 42 दोबारा शुरू करने की योजना बनाई है।
धर्मशाला, कुल्लू के लिए घटा हेली टैक्सी का किराया
चंडीगढ़ से कुल्लू और धर्मशाला के लिए केंद्र सरकार ने हेली टैक्सी का किराया कम कर दिया है। चंडीगढ़ से कुल्लू के लिए अब प्रति सवारी 6500 रुपये किराया लगेगा। पहले यह किराया प्रति व्यक्ति 7600 रुपये था। धर्मशाला-चंडीगढ़ का किराया पहले 8600 रुपये था जिसे घटाकर 5700 रुपये कर दिया गया है। शिमला से कुल्लू का किराया पहले की तरह 4000 रुपये और शिमला से धर्मशाला का किराया 5000 रुपये रहेगा।