इस योजना को स्वीकृति दिलाने के लिए मनकोटिया दिल्ली रवाना हो गए हैं।
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कुल्लू से धर्मशाला को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए की गई ट्रायल उड़ान के सफल रहने के बाद अब धर्मशाला से वैष्णो देवी मंदिर और लेह लद्दाख भी हवाई सेवा से जुड़ेगा। इस योजना को स्वीकृति दिलाने के लिए मनकोटिया दिल्ली रवाना हो गए हैं। मनकोटिया केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से मुलाकात कर हवाई कनेक्टिविटी को स्वीकृति दिलाने का प्रयास करेंगे।
मनकोटिया ने कहा कि इस योजना का मकसद कांगड़ा जिला के मंदिरों और मैकलोडगंज आने वाले बौद्ध धर्म के अनुयायियों को जम्मू के वैष्णो देवी मंदिर और लेह लद्दाख में बौद्ध मठों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में धर्म गुरु दलाईलामा का आवास है। यहां हर वर्ष देश विदेश से लाखों लोग धर्मशाला पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि जिला कांगड़ा में ज्वाला जी, बज्रेश्वरी देवी और चामुंडा मंदिर में माथा टेकने के बाद श्रद्धालु वैष्णो देवी मंदिर जाते हैं। इस योजना से पर्यटकों में बढ़ोतरी होगी। प्रदेश के पर्यटन को भी नए पंख लगेंगे। उन्होंने कहा कि कुल्लू से गगल के लिए जल्द ही हवाई सेवा शुरू हो जाएगी। कुल्लू से गगल तक का ट्रायल सफल रहा है।
हिमाचल में रिजनल कनेक्टिविटी के तहत होंगी उड़ानें
Aeroplane
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हिमाचल में हवाई सेवाओं का अब क्षेत्रीय संपर्क होगा। धर्मशाला- कुल्लू- शिमला-चंडीगढ़ को हवाई सेवा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। नौ सीटर चार्टर्ड विमान के माध्यम से हिमाचल के सभी हवाई अड्डों में से उड़ाने भरते हुए चंडीगढ़ रूट के लिए हवाई सेवा प्रदान करने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा जा रहा है।
रिजनल कनेक्टिविटी के तहत हिमाचल के सभी हवाई अड्डों में इधर-उधर उड़ानें भरी जाएंगी। साथ ही दिल्ली और चंडीगढ़ को भी हवाई सेवा से जोड़ा जाएगा। शुरुआती दौर में हिमाचल के तीनों हवाई अड्डों को आपस में जोड़ते हुए चंडीगढ़ के लिए हवाई सेवा शुरू करने की योजना है।
तीनों हवाई अड्डों का आपस में हवाई सेवा के तहत लिंक होने पर पर्यटन में भी इजाफा होगा। नौ सीटर सीसना ग्रैंड कैरावन 208 बी एयरक्रॉफ्ट वर्तमान में केवल कुल्लू और चंडीगढ़ के बीच उड़ानें भर रहा है। इस रूट को बढ़ाने के लिए कंपनी प्रबंधन योजना बना रहा है।
भुंतर-गगल के बीच सफल ट्रॉयल हो चुका है। कुल्लू में संचालन और प्रमोशन का काम देख रही बागवान बुद्धि प्रकाश ठाकुर की कंपनी एयर हिमालय इन दिनों हवाई सेवा के लिए प्रपोजल तैयार कर रही है। इसे तीन से चार दिन के भीतर प्रदेश सरकार को सौंपा जाएगा।
यह रहेगा हवाई सेवा का रूट
विमान
शिमला, कुल्लू और धर्मशाला में पर्यटन सीजन के दौरान इन दिनों रोजाना हजारों सैलानी देश-विदेश से पहुंच रहे हैं, लेकिन खस्ताहाल सड़कों से सैलानी परेशान हैं। हवाई सेवा के अभाव में पर्यटक सड़कों से ही अनछुए पर्यटन स्थलों तक पहुंचने को मजबूर हैं। इधर, संचालन और प्रमोशन का काम देख रहे बागवान बुद्धि सिंह प्रकाश ने बताया कि हिमाचल के तीनों एयरपोर्ट को जोड़ते हुए चंडीगढ़ के लिए हवाई सेवा शुरू करने की योजना है।
इसके लिए जल्द सरकार को प्रपोजल भेजी जा रही है। सरकार की ओर से हरी झंडी मिलने पर रूट पर हवाई सेवा शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि बिना सरकार के सहयोग रूट चलाना संभव नहीं है। हवाई सेवा को बरकरार रखने के लिए सरकार को अंडर राइट सीटें लेनी चाहिए।
प्रस्ताव के अनुसार हवाई रूट में चंडीगढ़-शिमला-कुल्लू-धर्मशाला शामिल रहेगा। इसी तरह धर्मशाला-कुल्लू-शिमला और फिर चंडीगढ़ के लिए फ्लाइट होगी। डायरेक्ट धर्मशाला से चंडीगढ़ के लिए फ्लाइट रूट में दिक्कत बताई जा रही है। इस कारण उपरोक्त रूट को फाइनल किया जा रहा है।
दिल्ली-शिमला रूट पर भी शुरू हो सकती है हवाई सेवा
एयर हिमालय कंपनी का दावा है कि यदि प्रदेश सरकार सहयोग करे तो दिल्ली से शिमला हवाई रूट पर सेवा शुरू की जा सकती है। कंपनी दिल्ली में खड़े एक अन्य एयरक्राफ्ट को इस रूट पर सेवा शुरू कर सकती है, लेकिन इसके लिए सरकार को सफदरजंग एयरपोर्ट में लैंडिंग की अनुमति लेनी होगी। सरकार के पूरे सहयोग से ही यह रूट चल सकता है।
तीनों एयरपोर्ट की टाइमिंग अलग-अलग
हिमाचल के तीनों एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी करने के लिए एयर हिमालय कंपनी पहल कर रही है, लेकिन तीनों एयरपोर्ट के खुलने और बंद होने का समय अलग-अलग है। प्रपोजल में तीनों एयरपोर्ट को कुछ समय के अंतराल में खोलने की मांग भी रखी जाएगी। शिमला एयरपोर्ट सुबह साढ़े नौ बजे, भुंतर एयरपोर्ट सुबह साढ़े छह बजे और गगल एयरपोर्ट सुबह साढ़े दस बजे खुलता है। ऐसे में तीनों एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी में दिक्कत है।