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निजी अस्पतालों के साथ करार खत्म, सेना के अस्पतालों में होगा इलाज: मनकोटिया

Tue, 25 Jun 2019 06:08 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
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इंडियन एक्स सर्विसमैन लीग - फोटो : अमर उजाला
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इंडियन एक्स सर्विसमैन लीग हिमाचल प्रदेश का वार्षिक अधिवेशन मंगलवार को टाउन हॉल हमीरपुर में हुआ। लीग के प्रदेशाध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहे। अधिवेशन में लीग के वार्षिक आय-व्यय का ब्योरा रखा गया।

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पूर्व सैनिकों, वीर नारियों तथा आश्रितों की समस्याओं पर चर्चा की गई। मनकोटिया ने कहा कि ईसीएचएस के साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में धांधली की शिकायतें आ रही थीं। निजी अस्पतालों में मनमर्जी के बिल बनाने के साथ बिना बीमारी के ऑपरेशन किए जा रहे थे।

लीग ने समस्या को सेना प्रमुख बिपिन रावत के समक्ष रखा। इसके बाद उन्होंने निजी अस्पतालों से करार खत्म करने और मिलिट्री के अस्पताल खोलने का निर्णय लिया। पहले चरण में चंडीगढ़, दिल्ली और पुणे में मिलिट्री अस्पताल बनेंगे।
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योल में भी मिलिट्री अस्पताल बनाने की मांग की गई है। इसके बाद उपमंडल स्तर पर अस्पताल खोले जाएंगे। कहा कि प्रदेश से अधिकतर सैनिक सेना में सेवाएं दे रहे हैं या दे चुके हैं। हिमाचल की रेजिमेंट की स्थापना जल्द करने की मांग है।

ऊना या हमीरपुर में सेना की छावनी, वन रैंक वन पे से वंचित कुछ सैनिकों को इसका भुगतान करने की मांग की गई है। कहा कि चारों सांसद और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा एक बार कहें तो हिमाचल को अपनी रेजिमेंट जल्द मिलेगी। 

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मोदी सरकार ने पूरी की वन रैंक, वन पेंशन की मांग : मनकोटिया

अधिवेशन में मौजूद पूर्व सैनिक - फोटो : अमर उजाला
ब्रिगेडियर दलीप सिंह दोबारा बने चेयरमैन 
इंडियन एक्स सर्विसमैन लीग हमीरपुर के चुनाव भी हुए। सर्वसम्मति से फिर बिग्रेडियर दलीप सिंह को चेयरमैन चुना गया। लेफ्टिनेंट कर्नल एसकेएस चंबियाल सीनियर वाइस चेयरमैन और आनरेरी कैप्टन लाल चंद सचिव चुने गए। 

मनकोटिया ने कहा कि मोदी सरकार ने बीते कार्यकाल में पूर्व सैनिकों की वन रैंक, वन पेंशन को मान कर करीब 35 वर्षों के संघर्ष को खत्म किया। इसके करीब डेढ़ साल बाद इसे लागू भी किया गया।

अभी भी करीब 15 फीसदी पूर्व सैनिकों को इसके लाभ से वंचित रहना पड़ रहा है। इसमें आ रही खामियों को दूर करने की मांग की गई है। जयराम सरकार ने भी हिमालय रेजिमेंट की मांग की है, लेकिन हिमालय नहीं हिमाचल रेजिमेंट चाहिए।
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