अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति और 246 किसान संगठनों के भारत बंद और 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ हिमाचल में प्रदर्शन किए गए। कई जगह चक्का जाम कर दिया गया। पीएम और विधेयकों को काला बिल बताकर इसके पुतले जलाए गए। ऊना में युवा कांग्रेस ने ट्रैक्टर रैली निकाली और टाहलीवाल चौक पर पीएम का पुतला फूंका। इसके अलावा किसान सभा ने जिला मुख्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। जबकि किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी बीत एरिया जिला ऊना ने दुलैहड़ से टाहलीवाल तक हरोली के विभिन्न गांवों के किसानों ने एकत्रित होकर ट्रैक्टरों पर सवार होकर रोष रैली निकाली।
इन्होंने कृषि विधेयकों को काला बिल बताकर इसका पुतला जलाया। राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कृषि विधेयकों को रद्द करने की मांग की गई। उधर, पंजाब में किसानों ने कीरतपुर, भरतगढ़ और दाहिनी में नेशनल हाईवे को जाम कर दिया है। इसके चलते जिला प्रशासन बिलासपुर ने चंडीगढ़ जाने वाले वाहनों को स्वारघाट से नालागढ़ की ओर डायवर्ट किया है। चक्का जाम खुलने पर ही यातायात सुचारू हो पाया। हमीरपुर, रामपुर, किन्नौर, ठियोग, नाहन, कुल्लू, बिलासपुर, मंडी, सोलन, कांगड़ा में सीटू यूनियनों, किसानों ने रैलियां निकाल प्रदर्शन किए और केंद्र के खिलाफ नारेबाजी कर ज्ञापन सौंपे।