हॉल मार्किंग की नई प्रक्रिया का जताया विरोध, बोले, नई प्रक्रिया से बर्बाद हो जाएंगे गहने
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला समेत प्रदेशभर के सराफा कारोबारियों ने हॉल मार्किंग के विरोध में सोमवार को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल कर दुकानें बंद रखीं। शिमला शहर समेत जिलाभर में 150 से अधिक ज्वैलर्स की दुकानें बंद रहीं। इस कारण लोग गहनों की खरीदारी नहीं कर पाए।
शहर के सर्राफा कारोबारी सुबह करीब 11 बजे मालरोड पर इकट्ठा हुए और अपनी बंद दुकानों के बाहर बैनर लगाकर विरोध जताया। प्रदेश सर्राफा एवं स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष अतुल टांगरी ने कहा कि गलत तरीके से लागू की जा रही हॉल मार्किंग प्रक्रिया के खिलाफ यह सांकेतिक हड़ताल की है। शिमला शहर समेत प्रदेशभर में दुकानें बंद रखी गई हैं। कहा कि केंद्र सरकार ने बीआईएस द्वारा सोने के गहनों पर हॉल मार्किंग अनिवार्य करने का आदेश दिया है। सर्राफा कारोबारी हॉलमार्क का स्वागत करते हैं, लेकिन इससे स्वर्णकारों को नुकसान होगा। हॉलमार्क केंद्र मध्यम और छोटे कारीगर या सर्राफा व्यवसायियों के सोने के गहनों की परख के लिए 0.4 मिलीग्राम सोना काटने के बाद हॉलमार्क की स्टैंप देते हैं जिससे आभूषण बर्बाद हो जाता है। इसे ग्राहकों को नहीं बेचा जा सकता है। कई सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से गहनों की बर्बादी होगी। सोने के जेवर की अदला बदली नहीं हो सकेगी। इसके अलावा जिस वेबसाइट पर बिक्री संबंधी रिकॉर्ड अपडेट करना है, वह ठप हो रही है।