भागसूनाग में एमसी ने तोड़ा अवैध निर्माण।
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हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के भागसूनाग में सोमवार को बाढ़ से हुई तबाही के बाद मंगलवार को नगर निगम धर्मशाला ने नाले के ऊपर बने अवैध निर्माणों को तोड़ दिया है ताकि भविष्य में इस तरह की तबाही न मच सके। जेसीबी की मदद से कर्मचारी नाले को साफ व दुरुस्त करने में जुट गए थे। वहीं सड़क व पार्किंग से मलबे को हटाने के लिए करीब दो-तीन दिन का और समय लग जाएगा। वहीं बाढ़ के बाद टूटी सड़क व पार्किंग से मलबा हटाने में स्थानीय लोगों व व्यापारियों ने भी नगर निगम के अधिकारियों की मदद के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाए।
अमर उजाला की टीम ने ग्राउंड रिपोर्ट में पाया कि नगर निगम के कर्मचारी व जेसीबी की मदद से सड़के से मलबे को हटाया जा रहा था। वहीं नाले के ऊपर किए अतिक्रमण को भी कर्मियों ने जेसीबी की मदद से तोड़ दिया। बता दें कि सोमवार को सड़कों पर पानी आने कारण लोगों का अवैध अतिक्रमण रहा। जिस कारण नाला जाम हो गया और पानी का रुख सड़क की ओर हो गया। सारा पानी सड़क पर बहने लगा और अपने रास्ते में आई हर चीज को बहा कर ले गया। इसकी वजह से भागसूनाग की सारी सड़क उखड़ गई है। जानकारी के अनुसार सोमवार को आई बाढ़ का पानी दो निजी होटलों में भी चला गया था, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ है।
भागसूनाग में आए पानी ने दिलाई उत्तराखंड की याद : मुनीष
भागसूनाग के स्थानीय निवासी मुनीष संधु ने बताया कि सोमवार को पानी नाले से सड़क पर आ जाने से भारी तबाही मची। कुछ गाड़ियां पानी के बहाव में बह गई थी। इतना सारा पानी आने के बाद उत्तराखंड में हुई तबाही की याद आ गई।
नगर निगम के कर्मियों से साथ जुटे: संजीव
भागसूनाग के व्यापारी संजीव कुमार ने बताया कि सोमवार को हुए नुकसान के बाद मंगलवार को नगर निगम के अधिकारियों के साथ स्थानीय व्यापारियों ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं।
लोगों के अतिक्रमण के कारण हुआ नुकसान: रंजीत
भागसूनाग के रंजीत कुमार ने बताया कि लोगों के अवैध अतिक्रमण के कारण बारिश का सारा पानी नाले की बजाय सड़क पर आ गया। जिस कारण सड़क, पार्किंग व वाहनों को नुकसान पहुंचा है।
अवैध निर्माण को तोड़ कर किया नाला दुरुस्त: कमिश्नर
नगर निगम धर्मशाला के कमिश्नर प्रदीप ठाकुर ने बताया कि भागसूनाग में लोगों ने नाले के ऊपर अवैध निर्माण किया हुआ था, उसे जेसीबी व कर्मियों की मदद से तोड़ दिया गया है। वहीं नाले को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसा नुकसान न हो।