यदि परिवहन विभाग की कवायद रंग लाई तो पर्यटकों के अलावा आम जनता को भी फायदा पहुंचेगा। शहरों में इंटरस्टेट चलने वाली टैक्सियां मनमाने रेट पर सवारियां बैठाती हैं, इससे बाहरी राज्य से आने वाले पर्यटकों से लूट हो रही है।
हिमाचल को जीरो चालान, जीरो एक्सीडेंट स्टेट बनाएं
परिवहन विभाग के आयुक्त कैप्टन जेएम पठानिया ने मंगलवार को सड़क सुरक्षा पर आयोजित एक दिवसीय जागरूकता शिविर की अध्यक्षता की। कहा कि ऑपरेटर रोड सेफ्टी को कल्चर के रूप में अपनाएं। हिमाचल को जीरो चालान, जीरो एक्सीडेंट राज्य बनाएं।
हर साल तीन हजार सड़क दुर्घटनाएं
पठानिया ने बताया कि हर तीन माह बाद रोड सेफ्टी अभियान चलाने के बावजूद तीन हजार से अधिक सड़क दुर्घटनाएं प्रतिवर्ष हो रही हैं। 1200 से अधिक व्यक्ति अपनी जान गंवाते हैं। 500 से अधिक व्यक्ति दिव्यांग हो रहे हैं। रणनीति में बदलाव की जरूरत है। अब हर दिन रोड सेफ्टी और हर सप्ताह रोड सेफ्टी वीक के रूप में होगा और यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक इसे कल्चर के रूप में नहीं अपनाया जाता है।