हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव राव पर जानलेवा हमले के विरोध में वकीलों ने प्रदेश उच्च न्यायालय और जिला कचहरी में अदालती कामकाज का बहिष्कार किया। इस वजह से काम के सिलसिले में अदालत में आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शिमला शहर में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अधिवक्ताओं में गुस्सा था। उनके एक साथी के साथ ओल्ड बैरियर पर कुछ लोगों ने मारपीट की।
पुलिस को मामले की जानकारी दी गई और पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया। मेडिकल के बाद उन्हें जमानत पर छोड़ दिया। इस मामले में सख्त कार्रवाई न होने से गुस्साए वकीलों का एक प्रतिनिधि मंडल एसपी शिमला से मिला। एसपी शिमला ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जांच में कहीं कमी रह गई है तो छानबीन के लिए डीएसपी स्तर के अफसर को जांच अफसर नियुक्त किया जाएगा। वकील पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग को लेकर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने एसपी शिमला को पत्र भी लिखा हमलावरों के खिलाफ बालूगंज थाने में दर्ज की गई प्राथमिकी पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
वहीं शिमला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष टेक चंद शर्मा ने कहा कि वकील की पिटाई के विरोध में जिला कचहरी में भी काम ठप रहा। वकीलों ने विरोध स्वरूप कोई काम नहीं किया। पुलिस प्रशासन से मांग की आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
खुले में शौच करने से रोकने पर विवाद
मामले के अनुसार वकील राजीव
राव जब ओल्ड बैरियर के पास मेंटल अस्पताल के रास्ते अपने घर जा रहे थे तो
कुछ लोग खुले में शौच कर रहे थे वकील ने जब इसका विरोध किया तो उन्होंने
वकील के साथ मारपीट की। वकीलों ने इस पूरे मामले को लेकर कड़ी कार्रवाई
करने की मांग की है।