हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सिस्सू में बुधवार को सैलानी बर्फ के बीच मस्ती कर सकेंगे। इसके बाद 44 दिन के लिए सन्नाटा छा जाएगा। 16 जनवरी से 28 फरवरी तक सिस्सू में साहसिक गतिविधियां पूरी तरह से बंद रहेंगी। चंद्राघाटी में धार्मिक आस्था और देव कारज में किसी तरह का व्यवधान न हो, इसके चलते पंचायत सिस्सू में कोई भी साहसिक गतिविधियां उपलब्ध नहीं होगी। इनमें मुख्य रूप से एटीवी राइडिंग, हॉट बलून, जिप लाइन, स्कीइंग और ट्यूब स्लाइडिंग का रोमांच देखने को नहीं मिलेगा।
पंचायत प्रतिनिधि, राजा घेपन कमेटी, देवी भोटी कमेटी, लबरंग गोंपा कमेटी, सिस्सू पंचायत के महिला व युवक मंडल के सदस्यों ने सर्वसम्मति से साहसिक गतिविधियों को न करवाने का निर्णय लिया है। इसे लेकर जिला प्रशासन को भी अगवत करवाया गया है। इस दौरान सैलानी पागलनाला से रोपसंग तक सिर्फ हाईवे तीन पर ही आवाजाही कर सकेंगे। इन 44 दिनों में सैलानियों को पहाड़ी मैगी, नमकीन चाय सहित कई अन्य पारंपरिक खाद्य सामग्री भी उपलब्ध नहीं होगी।
इस बाबत पंचायत प्रधान राजीव की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने एक जनवरी को उपायुक्त लाहौल-स्पीति राहुल कुमार व एसडीएम रजनीश से मिलकर सिस्सू हेलिपैड की तरफ ट्रैफिक न भेजने का आग्रह किया है। राजीव ने बताया कि घाटी में किसी तरह का अनावश्यक शोर-शराबा न हो और नववर्ष में मनाया जाने वाले महत्वपूर्ण त्योहार हालड़ा, पूणा में किसी तरह का व्यवधान नहीं होना चाहिए। ऐसे में 16 जनवरी से नर्सरी से हेलीपैड जाने वाले वाहनों को नहीं छोड़ा जाएगा। इस दौरान पर्यटक कोकसर पंचायत के नाॅर्थ पोर्टल से लेकर, पागलनाला तक और नाॅर्थ पोर्टल से कोकसर की तरफ बर्फ का आनंद ले सकते हैं। वहीं सैलानी गोंधला पंचायत के यांगला मैदान भी जा सकेंगे।