प्राचीन समय से हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर को कार बांधकर सुरक्षा सूत्र में पिरोने वाले देव आदि ब्रह्मा इलाका उतरशाल टिहरी इस बार अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में 300 देवलुओं के साथ शिरकत करेंगे। वे सात मार्च को देवलुओं के साथ शिवरात्रि मेले के लिए मूल स्थान टिहरी से प्रस्थान करेंगे। देवता के पुजारी रामनाथ और शिव ठाकुर ने बताया कि देव आदि ब्रह्मा शिवरात्रि महोत्सव के दौरान पुरानी मंडी में सात दिन तक कुमार शर्मा के घर रात्रि ठहराव करते हैं। इस दौरान देवता 7 मार्च को रूहंज गांव में देव बूढ़ा बिंगल के मंदिर जाकर देव मिलन करेंगे। रात्रि विश्राम रुहंज गांव में ही करेंगे। 8 मार्च को शिवरात्रि महोत्सव में पहुंचेंगे। मंडी पहुंचते ही देवता कारदारों के साथ माधव राय मंदिर में हाजिरी भरेंगे। महाशिवरात्रि के अंतिम दिन को उत्तरशाल घाटी के देव आदि ब्रह्मा शहर की खुशहाली के लिए पूरे मंडी शहर की परिक्रमा कर सुरक्षा कार बांधेंगे। बता दें कि देव आदि ब्रह्मा का महाशिवरात्रि मेले से अलग जुड़ाव है। पराशर के सामने टिहरी की पहाडियों पर स्थित देव आदि ब्रह्मा का सुंदर मंदिर है। इन दिनों देव आदि ब्रह्मा के पुराने देहरे मंदिर के स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। बंगाल और बिहार की करीब 15 कारीगर दो सालों से निर्माण कार्य में जुटे हैं।