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Mandi Mahashivratri: मंडी महाशिवरात्रि में 300 देवलुओं के साथ आदि ब्रह्मा भरेंगे हाजिरी

Tue, 05 Mar 2024 07:21 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कटौला (मंडी)

सार

मंडी शहर को कार बांधकर सुरक्षा सूत्र में पिरोने वाले देव आदि ब्रह्मा इलाका उतरशाल टिहरी इस बार अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में 300 देवलुओं के साथ शिरकत करेंगे। 
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देव आदि ब्रह्मा(फाइल) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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प्राचीन समय से हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर को कार बांधकर सुरक्षा सूत्र में पिरोने वाले देव आदि ब्रह्मा इलाका उतरशाल टिहरी इस बार अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में 300 देवलुओं के साथ शिरकत करेंगे। वे सात मार्च को देवलुओं के साथ शिवरात्रि मेले के लिए मूल स्थान टिहरी से प्रस्थान करेंगे। देवता के पुजारी रामनाथ और शिव ठाकुर ने बताया कि देव आदि ब्रह्मा शिवरात्रि महोत्सव के दौरान पुरानी मंडी में सात दिन तक कुमार शर्मा के घर रात्रि ठहराव करते हैं। इस दौरान देवता 7 मार्च को रूहंज गांव में देव बूढ़ा बिंगल के मंदिर जाकर देव मिलन करेंगे। रात्रि विश्राम रुहंज गांव में ही करेंगे। 8 मार्च को शिवरात्रि महोत्सव में पहुंचेंगे। मंडी पहुंचते ही देवता कारदारों के साथ माधव राय मंदिर में हाजिरी भरेंगे। महाशिवरात्रि के अंतिम दिन को उत्तरशाल घाटी के देव आदि ब्रह्मा शहर की खुशहाली के लिए पूरे मंडी शहर की परिक्रमा कर सुरक्षा कार बांधेंगे। बता दें कि देव आदि ब्रह्मा का महाशिवरात्रि मेले से अलग जुड़ाव है। पराशर के सामने टिहरी की पहाडियों पर स्थित देव आदि ब्रह्मा का सुंदर मंदिर है। इन दिनों देव आदि ब्रह्मा के पुराने देहरे मंदिर के स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। बंगाल और बिहार की करीब 15 कारीगर दो सालों से निर्माण कार्य में जुटे हैं।

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इस तरह से शहर में बांधते हैं कार
देव आदि ब्रह्मा के गूर देवता के साथ आए बजंतरी, देवलुओं और हजारों लोगों के साथ बाबा भूतनाथ से होते हुए चौहटा बाजार, समखेतर बाजार, महाजन बाजार, इंदिरा मार्केट के चारों घूमते हुए पूरे शहर में सुरक्षा कार बांधते हैं। वे अगले वर्ष तक सुरक्षा का वादा करते हैं। सुरक्षा कार को लेकर माना जाता है कि इससे मंडी शहर पर बुरी आत्माओं का साया नहीं पड़ता। महाशिवरात्रि में जनपद के कई वरिष्ठ देवी-देवता रियासतकाल से ही भाग लेते आ रहे हैं। इनमें उत्तरशाल घाटी के देवता आदि ब्रह्मा की भूमिका अहम मानी जाती है।

सदियों से नहीं बदली परंपरा
रियासतकालीन मंडी शिवरात्रि मेले के स्वरूप में समय के साथ बदलाव हुआ है, लेकिन कुछ न बदला है तो वह है श्री देव आदि ब्रह्मा से जुड़ी देव परंपरा। इसका निर्वहन करते हुए देवता पूरे मंडी शहर को सुरक्षा कवच देंगे। इस दौरान देवता का रथ पूरे शहर की परिक्रमा कर जौ के आटे का गुलाल इस्तेमाल कर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर बुरी आत्माओं को दूर करेंगे।
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सादे अंदाज में निकलेगी बाबा भूतनाथ की जलेब
अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में इस बार बाबा भूतनाथ की जलेब को सादे अंदाज में निकाला जाएगा। बाबा भूतनाथ मंदिर के महंत देवानंद सरस्वती ने कहा कि इस बार भी जलेब जरूर निकाली जाएगी, मगर यह सादे ढंग से होगी। उन्होंने कहा कि पिछली बार कुछ लोगों ने जलेब में नागा बाबाओं के शामिल होने पर आपत्ति जताई और इसे धर्म का अपमान बताया था। उन्होंने कहा कि वैसे तो इसमें अपमान वाली बात नहीं थी, मगर फिर भी लोगों की भावनाओं की कद्र करते हुए इस बार बाबा भूतनाथ की जलेब को सादे अंदाज में ही निकाला जाएगा। साधु संत भगवा वस्त्रों में ही शिव महिमा का गुणगान करते हुए जलेब में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि अभी तक जलेेब के लिए अनुमति नहीं है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि प्रशासन इसके लिए उन्हें अनुमति देगा। किस दिन यह निकाली जाएगी इस बारे में भी जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि पिछले साल से ही बाबा भूतनाथ की जलेब अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव में शामिल की गई है।
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